शाहजहांपुर। जनपद की चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2021-22 मेें किसानों से खरीदे गए गन्ना के सापेक्ष 80 प्रतिशत से अधिक भुगतान कर दिया है। शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई गन्ना मूल्य एवं विकास निधि भुगतान और गन्ना सर्वे की समीक्षा बैठक में यही तथ्य सामने आया। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने डीएम को बताया कि डालमिया ग्रुप की निगोही मिल और बिरला ग्रुप की रोजा चीनी मिल ने गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है।
उन्होंने बताया कि जनपद में सभी चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2021-22 के कुल गन्ना मूल्य का 80.74 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। इनमें निगोही व रोजा मिल संपूर्ण गन्ना मूल भुगतान चुकता कर चुकी हैं, जबकि सहकारी चीनी मिल तिलहर व पुवायां ने कुल गन्ना मूल्य का क्रमश: 60 प्रतिशत व 62 प्रतिशत भुगतान किया है। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल ने अभी तक कुल गन्ना मूल्य का सिर्फ 32 प्रतिशत भुगतान किया है। डीएम ने बैठक में मौजूद मकसूदापुर मिल के प्रतिनिधि अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और अतिशीघ्र गन्ना भुगतान करने के कड़े निर्देश दिए।
समीक्षा से पता चला कि मकसूदापुर मिल ने 202.36 करोड़ रुपये के सापेक्ष 65.57 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि 136.77 करोड़ रुपये भुगतान अवशेष है। इसी प्रकार तिलहर मिल पर 44.32 करोड़ रुपये और पुवायां मिल पर 33.85 करोड़ रूपये किसानों का बकाया है। गन्ना सर्वे की समीक्षा के दौरान डीएम को बताया कि 20 जून तक यह काम पूर्ण करने के उनके निर्देश थे और इसके अनुपालन में सभी चीनी मिल व विभागीय संयुक्त गठित गन्ना सर्वे टीमों द्वारा सर्वे कार्य समयानुसार पूरा करा लिया जाएगा।
डीएम ने सभी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को निर्देश दिए कि शिकायती गांव का गन्ना सर्वे संबंधित एसडीएम को भेजें ताकि राजस्व विभाग से ऐसे किसानों की कुल कृषि योग्य भूमि एवं रकबा का गाटावार सत्यापन किया जा सके। बैठक में निगोही मिल के गन्ना महाप्रबंधक आशीष त्रिपाठी, रोजा मिल के गन्ना महाप्रबंधक बृजेश शर्मा, तिलहर मिल के प्रधान प्रबंधक जंग बहादुर, मकसूदापुर मिल के इकाई प्रमुख आरबी खोखर, दोनों सहकारी मिलों के मुख्य गन्ना अधिकारी, सीडीआई, गन्ना समितियों के सचिव आदि मौजूद रहे।