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जिले की चीनी मिलों में 25 अक्तूबर के बाद शुरू हो सकेगी गन्ना पेराई

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शाहजहांपुर। प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने भले ही चीनी मिलों में गन्ना की पेराई 20 अक्तूबर से शुरू कराने की घोषणा की हो, जिले की चीनी मिलों में नवंबर के पहले सप्ताह से पूर्व पेराई सत्र 2021-22 शुरू होने की उम्मीद नहीं है। निगोही चीनी मिल में पेराई क्षमता विस्तार का काम पूरा हो चुका है, लेकिन कारखाना के कई स्टेशनों की मशीनरी की वार्षिक मरम्मत का काम जारी है।
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बिरला ग्रुप की रोजा चीनी मिल समेत अन्य मिलों में भी मिल मशीनरी के अनुरक्षण का काम तेजी से जारी है और डीएम ने इसके लिए कार्यपूर्ति अवधि 25 अक्तूबर नियत की है। अधिकारियों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मिलों को पहले चलाए जाने की तैयारी की जा रही है। गत सात सितंबर को डीएम ने गन्ना विकास विभाग और चीनी मिलों के अधिकारियों को पेराई सत्र 2021-22 समय से आरंभ करने के लिए मिल कारखानों की वार्षिक मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
लगभग तीन सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन अभी केवल डालमिया ग्रुप की निगोही मिल और बिरला ग्रुप की रोजा मिल में 43 फीसदी अनुरक्षण कार्य हो सका है। प्रशासन समेत गन्ना विकास और चीनी उद्योग से जुड़े अधिकारी मिल प्रबंधन पर मशीनरी की मरम्मत का काम जल्द पूरा करने का दबाव बनाए हुए हैं। रोजा व निगोही मिल के अधिकारियों के अनुसार उनकी मिलें 30 अक्तूबर तक पेराई के लिए तैयार हो जाएंगी, लेकिन अन्य मिल प्रबंधन अक्तूबर में मिलें चलाने की घोषणा करने की स्थिति में नहीं हैं।
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26400 टन गन्ना रोजाना पेरेंगी जनपद की मिलें
जनपद में पांचों चीनी मिलें नए पेराई सत्र में रोजाना 26400 टन गन्ना पेरेंगी। चूंकि, इस वर्ष गन्ना रकबा करीब दो हजार हेक्टेयर बढ़ा है। इसलिए किसानों का अधिकतम गन्ना पेरने के लिए हाल ही में निगोही मिल की पेराई क्षमता 9000 टीसीडी (टन क्रशिंग डेली) से बढ़ाकर 10000 टीसीडी की गई है। साथ ही वहां के मिल हाउस, बॉयलिंग हाउस, पावर हाउस आदि अनुभागों में भी परिवर्तन किए हैं। इसके तहत केन अनलोडर, केन कैरियर, चॉपर एवं कटर की क्षमता बढ़ाई गई है और जूस हीटर एवं वाष्पन, वैक्यूम पैन, वैक्यूम क्रिस्टलाइजर आदि का भी विस्तार किया है।
पिछले दिनों कानपुर स्थित राष्ट्रीय शर्करा संस्थान से आई विशेषज्ञों की टीम ने अपर गन्ना आयुक्त वीके शुक्ला और उप गन्ना आयुक्त राजीव राय के नेतृत्व में क्षमता विस्तार की जांच कर मशीनरी ठीक पाई। उधर, मकसूदापुर मिल रोजाना 6500 टन, रोजा मिल 5300 टन, तिलहर मिल 2500 टन और पुवायां मिल 2100 टन गन्ना पेरेगी।
गन्ना मंत्री का आदेश पश्चिमी उप्र की मिलों पर लागू होगा। जनपद की सभी चीनी मिलों में कारखानों की वार्षिक मरम्मत का 65 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। रोजा और निगोही चीनी मिल अक्तूबर के अंत तक चालू हो जाएगी। मकसूदापुर मिल प्रबंधन ने एक नवंबर से पेराई शुरू करने का वायदा किया है और तिलहर व पुवायां की सहकारी मिलें भी नवंबर के पहले सप्ताह तक पेराई करने लगेंगी। इस बार भी गत पेराई सत्रों की तरह संपूर्ण गन्ना पेरने के बाद ही मिलें बंद होंगी।
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-डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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