विकास भवन में जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित करते डीएम।
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शाहजहांपुर। शासन की रिवैम्प योजना के तहत जनपद के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 33 केवी क्षमता के 38 नए बिजली उपकेंद्र जल्द बनाए जाएंगे। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने विद्युत निगम के अभियंताओं को जनपद में ओवरलोडिंग वाले फीडर चिह्नित कर वहां नए उपकेंद्रों के लिए भूमि तलाश करने और जर्जर हो चुकी लाइनों के सुधार का काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को दोपहर हुई विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक में मौजूद विधायकों ने अपने क्षेत्र की बिजली संबंधी समस्याओं का उल्लेख कर अधिकारियों पर सवाल किया।
विधायक रोशन लाल वर्मा, चेतराम, मानवेंद्र सिंह और वीर विक्रम सिंह अपने निर्वाचन क्षेत्रों की बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर बैठक में मुखर रहे। जन प्रतिनिधियों ने विद्यालयों की छतों और रिहायशी क्षेत्रों के आस-पास से गुजरने वाली विद्युत लाइन के खंभों को चिह्नित कर उन्हें ऐसे उचित स्थानों पर शिफ्ट कराने पर जोर दिया, जहां करंट से कोई हादसा होने का भय नहीं हो। इसी के साथ उन्होंने कई गांवों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर झुके हुए खंभे चिह्नित करके उन्हें ठीक कराने की आवश्यकता बताई। विधायक वीर विक्रम सिंह ने शिकायत की कि मदनापुर बिजली उपकेंद्र के प्रभारी अवर अभियंता का मोबाइल ज्यादातर स्विच ऑफ रहता है या फिर कॉल रिसीव नहीं की जाती।
जनप्रतिनिधियों ने विद्युत निगम की विजिलेंस टीम की छापेमारी के समय विभागीय अवर अभियंता और एसडीओ (उपखंड अभियंता) को साथ भेजने की जरूरत बताते हुए कहा कि विजिलेंस टीम द्वारा फर्जी तरीके से कार्रवाई की शिकायतेें संज्ञान में आने के कारण ऐसा किया जाना आवश्यक है। डीएम ने विद्युत निगम के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याएं जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए। कहा कि बिजली अभियंता जन प्रतिनिधियों से सामंजस्य बनाकर बताई गईं समस्याएं हल कराएं। उन्होंने विधायकों को आश्वस्त किया कि रिवैम्प योजना से प्रस्तावित कार्य पूरे होने पर बिजली से जुड़ी दिक्कतें कम हो जाएंगी।
डीएम ने बताया कि विकास खंड ददरौल व पुवायां में 33 केवी क्षमता के सात-सात, कटरा खुदागंज में नौ, जलालाबाद में पांच और विकास खंड तिलहर में आठ नए उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। इतनी ही क्षमता के दो उपकेंद्र शहर में बनेंगे। साथ ही क्षमता वृद्धि के लिए 22 उपकेंद्र प्रस्तावित हैं और 21 अन्य उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने को वहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसी योजना के तहत 1639 नए ट्रांसफार्मर लगेंगे, 1092 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होगी और जर्जर हो चुकीं 1880.2 किमी हाईटेंशन व 3546.36 किमी लंबी एलटी लाइनें बदली जाएंगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्याम बहादुर सिंह, विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता रामनरेश सरोज, अधिशासी अभियंता प्रशांत गुप्ता आदि अधिकारी मौजूद रहे।