मीरानपुर कटरा। आदर्श बाल विद्यालय इंटर कॉलेज के इंटरमीडिएट के छात्र निर्मय सिंह ने 91.40 प्रतिशत अंक पाकर जिले में टॉप किया है। वह नीट की तैयारी कर रहे हैं और डॉक्टर बनना चाहते हैं। उनकी कामयाबी से परिवार में जश्र जैसा माहौल है। माता-पिता ने उन्हें मिठाई खिलाकर लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वीरपाल और क्रांति सिंह के बेटे निर्मय सिंह ने नंबरों की चिंता किए बिना पढ़ाई की थी। हर रोज चार घंटे तक पढ़ाई करने वाले निर्मय सिंह की पढ़ाई का केंद्र बिंदू यू-ट्यूब चैनल रहा। ऑनलाइन वीडियो देखते हुए केमिस्ट्री के नोट्स बनाकर पढ़ाई की। फिजिक्स के लिए वैभव सक्सेना व बायोलॉजी में रजनीश द्विवेदी ने मार्गदर्शन किया। खाना बनाने के शौकीन निर्मय सिंह अपने शिक्षक पिता वीरपाल गंगवार को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने बतया कि चाचा गिरिजाशंकर ने उनका काफी ज्यादा सहयेाग किया। परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाने के बजाय उसका प्रयोग पढ़ाई करने के लिए किया। बेटे की उपलब्धि पर मां क्रांति गंगवार, बहन रचना सिंह, कल्पना सिंह और अर्पणा सिंह काफी खुश हैं। संवाद
डॉ. कलाम को आदर्श मानने वाले अखंड प्रताप ने पाए 90 प्रतिशत अंक
तिलहर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के इंटरमीडिएट के छात्र अखंड प्रताप सिंह ने 450 अंक प्राप्त करके जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। 90 प्रतिशत अंक पाने वाले अखंड इंजीनियर बनना चाहते हैं। वह अपना आदर्श पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को मानते हैं। मोहल्ला वहिदुल्लागंज निवासी कृषि कार्य करने वाले राघवेंद्र सिंह के दूसरे नंबर के पुत्र अखंड प्रताप ने जिले में दूसरा स्थान पाकर नाम रोशन किया है। राघवेंद्र के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा स्वतंत्र प्रताप सिंह एसएससी की कोचिंग बरेली में कर रहा है। उसने वर्ष 2018 में इंटर में जिले में नवां स्थान प्राप्त किया था। दूसरे नंबर पर अखंड प्रताप सिंह ने वर्ष 2020 में हाईस्कूल परीक्षा में जिले में आठवां स्थान प्राप्त किया था। अखंड प्रताप ने बताया कि वह प्रतिदिन चार से पांच घंटे पढ़ाई करते थे। कामयाबी में अध्यापकों और माता-पिता का अहम रोल रहा। बोले-क्रिकेट उनका सबसे प्रिय खेल है। आधे घंटे प्रतिदिन अखबार भी पढ़ते हैं। वह सिर्फ इंस्ट्राग्राम चलाते हैं। अन्य सोशल मीडिया का प्रयोग नहीं करते हैं।
एलआईसी एजेंट के बेटे ने जिले में पाया तीसरा स्थान
शाहजहांपुर। बाडूजई प्रथम स्थित विजय बैंक वाली गली निवासी एलआईसी एजेंट संतोष सक्सेना के पुत्र सक्षमसक्सेना ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में तीसरा स्थान पाया है। उसका सपना इनकम टैक्स अधिकारी बनने का है। बेटे की कामयाबी पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। राजकीय इंटर कॉलेज के कक्षा 12 के छात्र सक्षम सक्सेना ने 80.80 प्रतिशत अंक हासिल कर कामयाबी के पहले पायदान पर कदम रख दिया। सक्षम के सभी विषयों में अच्छे नंबर आए हैं। क्रिकेट खेलने व फिल्म देखने के शौकीन सक्षम को उम्मीद थी कि वह जिले में टॉपर की लिस्ट में जरूर जगह बनाएंगे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानने वाले सक्षम की पढ़ाई में सत्यम वाजपेई ने काफी मदद की। परीक्षा के समय सोशल मीडिया से दूरी बनाने वाले सक्षम ने बताया कि पिता संतोष सक्सेना ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कोरोना के समय कुछ पढ़ाई जरूर प्रभावित हुई थी, लेकिन उसके बाद शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौट आई। संवाद
पुवायां। पुवायां के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा साक्षी ने इंटरमीडियट परीक्षा में जिले में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उनको 87.80 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। पुवायां के मोहल्ला देवस्थान निवासी साक्षी के पिता मुकेश कटियार राजकीय ठेकेदार और मां मीरा कटियार गृहणी हैं। साक्षी इंजीनियर बनना चाहती हैं। उनका कहना है कि विषय को समझकर पढ़ना चाहिए और रोजाना छह से सात घंटे तक पढ़ाई करनी चाहिए। कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। संवाद
शिक्षक बनना चाहते हैं करन सिंह, पिता करते हैं मजदूरी
बंडा। गांव शिवपुरी खंजी निवासी लेखराम मजदूरी करते हैं। उनके पुत्र करन सिंह ने इंटर परीक्षा में 87.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में सातवां स्थान प्राप्त किया है। वह शिक्षक बन कर पिता के बोझ को हलका करना चाहते हैं। करन सिंह का कहना है कि उनके पिता ने मजदूरी कर उनको पढ़ाया है। उनकी सफलता में पिता का बहुत बड़ा हाथ है। संवाद
बंडा। बंडा के श्री गायत्री महाशक्ति संस्थान इंटर कॉलेज की छात्रा स्वपनिल शर्मा ने 86.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में नौंवा स्थान प्राप्त किया है। स्वप्निल के पिता शिवओम शर्मा रामपुर के शहाबाद में जनता इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य हैं और मां अनुराधा रानी गृहणी हैं। स्वप्निल जेआरएफ की परीक्षा पास कर प्रोफेसर बनना चाहती हैं। उनका कहना है कि पढ़ाई में कठिन परिश्रम ही सफलता दिला सकता है। उनकी सफलता पर परिवार और कॉलेज में खुशी का माहौल है। संवाद