उत्तर रेलवे की सीतापुर ब्रांच लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने का अंतिम पड़ाव बुधवार को पूरा हो गया। रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने स्पेशल ट्रेन से ब्रांच लाइन पर कराए ओवरहेड इलेक्ट्रिक वर्क का निरीक्षण किया और वापसी में उनकी ट्रेन इलेक्ट्रिक इंजन से फर्राटा भरती हुई महज 70 मिनट में 80 किमी की दूरी तय करके सीतापुर से रोजा पहुंच गई। इससे पूर्व, सीआरएस ने रोजा जंक्शन पर पूजा-अर्चना व नारियल तोड़कर ओएचई लाइन को पॉवर देने वाले सब सेक्शन पोस्ट का शुभारंभ किया।
रोजा से सीतापुर सिटी तक उत्तर रेलवे का क्षेत्राधिकार है। रोजा-सीतापुर के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने के लिए पिछले तीन साल से ओवरहेड वायरिंग और एसएसपी स्टेशनों का निर्माण कराया जा रहा था। इस रूट पर बिजली के इंजन से रेलगाड़ी दौड़ाने के लिए सीआरएस की अनुमति जरूरी होती है। सीआरएस शैलेश पाठक मुरादाबाद के डीआरएम प्रमोद कुमार, टीआरडी के मुख्य अभियंता सोमेश कुमार, सीडी एसके दुबे आदि अफसरों के साथ सीआरएस स्पेशल ट्रेन से बुधवार को सुबह 4.15 बजे शाहजहांपुर पहुंचे।
सीआरएस ने स्टेशन अधीक्षक एके गौतम से स्टेशन पर संरक्षा संसाधनों की जानकारी तलब की। सुबह 9.40 बजे विशेष ट्रेन से सीआरएस और उनके अधीनस्थों का समूह अगले पड़ाव रोजा की ओर रवाना हुआ। स्पेशल ट्रेन रोजा-सीतापुर लाइन के टर्निग प्वाइंट पर आकर रुकी, जहां सीआरएस ने हवन पूजन कर एसएसपी स्टेशन का शुभारंभ किया।
इस स्टेशन पर श्री पाठक ने रेल लाइन से जुड़ने वाली अर्थिंग, बैटरी रूम व पावर सप्लाई के उपकरणों को गहनता से चेक किया और मातहतों से उनकी कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी ली। सुबह 10.45 बजे सीआरएस का काफिला स्टेशन टू स्टेशन निरीक्षण करने के लिए सीतापुर की ओर रवाना हो गया। वहां से वापसी शाम करीब 4.45 बजे इलेक्ट्रिक ट्रेन से सौ किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से की। इस दौरान ट्रैक पर कहीं कोई खामी नहीं मिली।
समय के साथ दूरी और किराया में आएगी कमी
रोजा। रोजा से वाया सीतापुर होते हुए गोंडा बुढ़वल गोरखपुर के रास्ते कोलकाता जाने पर करीब सौ किमी की दूरी कम होगी और यात्रियों को समय की बचत भी होगी। रेल अधिकारियों की मानें तो अभी तक इन स्थानों पर जाने के लिए लखनऊ होकर जाना पड़ता था, लेकिन सीतापुर रूट के इलेक्ट्रिकफाइड होने से अब लखनऊ न जाकर शार्टकट रास्ते से इन स्थानों पर आसानी से पहुंचा जा सकता है तथा किराए में भी अंतर आएगा। इससे सफर आसान होगा।
सीतापुर ब्रांच लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने की सीआरएस से हरी झंडी मिल गई है। ट्रैक पर कराए गए विद्युतीकरण को लेकर किसी प्रकार की कहीं कोई कमी नहीं पाई गई। इस बारे में सीआरएस का अधिकृत पत्र बृहस्पतिवार तक जारी हो जाने की उम्मीद है। -असीम कुमार, प्रवर मंडल विद्युत अभियंता, मुरादाबाद