शाहजहांपुर में शरद सिंह अपने बेटे और पत्नी के साथ। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। जेंडर बदलवाकर महिला से पुरुष बने शरद सिंह की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है। परिवार में 26 साल के बाद किलकारी गूंजने से खुशी का माहौल है। शरद सिंह ने दो वर्ष पूर्व महिला मित्र सविता सिंह से विवाह किया था।
दोनों पैरों से दिव्यांग सरिता ने बीएड करने के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा 2020 में उत्तीर्ण की थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी मिली थी। उन्हें भावलखेड़ा के एक विद्यालय में तैनाती मिली थी। इसके बाद उन्होंने अपना जेंडर बदलने की कवायद को शुरू किया था। वर्ष 2020 से 2022 के मध्य जेंडर बदलने की प्रक्रिया पूर्ण की थी।
ऑपरेशन व थेरेपी के बाद चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ उगने के साथ ही उनकी आवाज भी भारी हो गई। प्रशासन ने उन्हें पुरुष का प्रमाणपत्र भी जारी किया था। सरिता से शरद बनने के बाद वर्ष 2023 में उन्होंने पीलीभीत निवासी रिश्तेदार सविता सिंह से शादी कर ली थी। इसके बाद सविता सिंह गर्भवती हुईं। शरद ने उनकी प्रेग्नेंसी का वीडियो अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर शेयर किया था।
बुधवार को सविता को प्रसव पीड़ा होने पर बरेली मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। यहां उन्होंने ऑपरेशन के बाद बच्चे को जन्म दिया है। शरद सिंह अमर बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह के प्रपौत्र हैं।