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शाहजहांपुर: लोगों में उड़ान भरने की बढ़ी उम्मीद, गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे हवाई पट्टी की घोषणा से खुशी की लहर

Sat, 04 Sep 2021 01:44 PM IST
प्राची प्रियम संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

परियोजना की डीपीआर में जनपद की सीमा में एक्सप्रेस-वे के किनारे हवाई पट्टी भी प्रस्तावित की गई है। इससे बरेली मंडल मुख्यालय की तरह अब जनपद के लोगों को भी हवाई सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले की सदर, तिलहर और जलालाबाद तहसीलों के 42 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 95 फीसदी पूरी हो चुकी है। परियोजना की डीपीआर में जनपद की सीमा में एक्सप्रेस-वे के किनारे हवाई पट्टी भी प्रस्तावित की गई है। इससे बरेली मंडल मुख्यालय की तरह अब जनपद के लोगों को भी हवाई सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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जनपद के सीमा क्षेत्र में सिक्स लेन वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिन गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई हैं, उनमें सर्वाधिक 27 गांव जलालाबाद तहसील के हैं। सदर तहसील में विकास खंड मदनापुर के छह और तिलहर तहसील के आठ गांवों के किसानों की जमीन ली गई हैं। 

चूंकि, प्रस्तावित हवाई पट्टी जलालाबाद और तिलहर तहसील के बीच सीमावर्ती गांवों के आसपास एक्सप्रेस-वे के समानांतर प्रस्तावित की गई है। इसलिए न सिर्फ इन दोनों तहसीलों, बल्कि जनपद के अन्य इलाकों के लोगों को भी यहां से अन्य शहरों के लिए हवाई सेवा का लाभ मिलने की संभावना दिख रही है। 
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इन गांवों से होकर निकलेगा एक्सप्रेस-वे 
एक्सप्रेस-वे के लिए सदर तहसील में मदनापुर ब्लॉक के गांव अतिवरा, झरहर हरीपुर, चंदिउरा बहादुरपुर, खजुरिया, सैंजना ताल्लुके आमखेड़ा व उदरापुर, जलालाबाद तहसील के गांव चौंरा खुर्द, करनापुर, उजेरा, ननियुरा, बढोखर, बिरियाकलां, कुनिया चचोरा, डरी ग़ुलाऊ, गिरधरपुर, हारचचोरा, लेही, नगला नाथ, चमरपुर खुर्द, पीरू, खूंटा, चक बिरिया, नगला ताल्लुके खंडहर, गुलड़िया, चौकी आजमपुर, सरखंडा, चमरपुर कलां, जिगनेरा, कुईंया, हैजनरे, दियुरा, ढका व सिकंदरपुर और तिलहर तहसील के गांव घसा कल्याणपुर, खमरिया, रपड़िया, रामपुर खादर, खेड़ा घसा उर्फ पृथ्वीपुर, खारम घसा, खिरिया रतन और मथुरा गांव की जमीनें अधिग्रहीत हुई हैं।

जलालाबाद में एक हवाई पट्टी पहले से मौजूद
जलालाबाद में कोला मोड़-फर्रुखाबाद मार्ग के तिराहे के पास लगभग 500 मीटर लंबी एक हवाई पट्टी करीब डेढ़ दशक पहले बनाई गई थी। वहां नागरिक उड्डयन विभाग ने नियंत्रण कक्ष बनाकर मशीनें भी लगाई हैं। कंट्रोल यूनिट पर तैनात कर्मचारी दिल्ली-लखनऊ के बीच उड़ने वाले विमानों और उनके पायलटों का लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे से संपर्क कराने में मदद करते हैं। 
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एयर अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने स्पेशल कम्युनिकेशन लाइन ले रखी है, लेकिन इस हवाई पट्टी पर अभी तक कोई विमान नहीं उतरा है। भूमि अधिग्रहण कार्य कार्य जल्द पूरा कराने को डीएम ने जलालाबाद में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रभाकर त्रिपाठी व राकेश सिंह को भी तैनात किया है। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र के कुछ गांवों में दाखिल खारिज, संसोधन या कोर्ट में मामले लंबित होने से भूमि अधिग्रहण का काम अटका है, लेकिन यह बाधाएं जल्द दूर कर ली जाएंगी। 

एक्सप्रेस-वे के किनारे गांव झरहरहरीपुर के अलावा जलालाबाद के गांव नगला ताल्लुके खंडहर, खूंटा नगला, दियुरा, पीरु व चढोकर गांव के पास स्थायी हेलीपैड पहले से ही प्रस्तावित है। तहसीलदार चमन लाल ने बताया कि हवाई पट्टी के निर्माण संबंधी आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है।

एडीएम प्रशासन व नोडल अधिकारी (गंगा एक्सप्रेस-वे) रामसेवक द्विवेदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे करीब ढाई से तीन किमी लंबी हवाई पट्टी बनाने के लिए जलालाबाद और तिलहर तहसीलों के सीमावर्ती पांच-छह गांवों की जमीन अलग से अधिग्रहीत की गई है। यह हवाई पट्टी एक तरह से एक्सप्रेस-वे के समानांतर एक अतिरिक्त लेन की तरह होगी जो घरेलू विमानन सेवाएं देने के साथ मिग श्रेणी के छोटे युद्धक विमानों की सामरिक महत्व की उड़ानें भरने के काम आएगी।
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