आरोप है कि चयन समिति ने कुछ उम्मीदवारों से छह लाख रुपये रिश्वत लेकर भाई-भतीजे और रिश्तेदारों की नियुक्ति कर ली। पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बावजूद 16 सितंबर 2010 को चयन सूची जारी कर दी गई। शिकायत के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव ने जांच के आदेश दिए थे। सीबीसीआईडी की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
शासन के निर्देश के बाद शारदा नहर खंड के तत्कालीन एक्सईएन बिजेंद्र पाल सिंह, ग्राम परा दातागंज (बदायूं) निवासी तत्कालीन सहायक अभियंता उदयवीर सिंह, तत्कालीन उप राजस्व अधिकारी शाकिर अली, तत्कालीन अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय जल प्रबंध योजना जगदीश नारायण शर्मा पर 12 साल के बाद थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि मामला काफी पुराना है, सीबीसीआईडी की रिपोर्ट के बाद शासन के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।