शाहजहांपुर में बस की खिड़की के टूटे शीशे। संवाद
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शाहजहांपुर। जिले के विभिन्न रूटों पर परिवहन निगम की लगभग 122 और अनुबंधित 84 बसें हैं। नवंबर माह में रोडवेज ने इन बसों से बंपर कमाई कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। इसके बावजूद बसों की हालात पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। इसका परिणाम है कि सर्दी के मौसम में रोडवेज की बसों से सफर करना यात्रियों के लिए किसी सजा से कम नहीं है।
रोडवेज बस अड्डे पर रोजाना हजारों यात्री आते-जाते हैं। इस दौरान बस के इंतजार में खड़े होकर ठंड से ठिठुरना पड़ता है, तो सफर के दौरान भी ठंडी हवाओं के झोके से कंपकंपी छूट जाती है। बस अड्डे पर न तो पर्याप्त अलाव की व्यवस्था है और ना ही रोडवेज की बसों में ठंड से बचाव का इंतजाम है। खिड़कियों ढीली होने की वजह से खुलने पर ठंडी हवा बस में घुसती रहती है। जिसकी वजह खिड़कियों में लगे शीशों की रबर पैकिंग व ग्रिल खराब होना है। इससे सीट पर बैठे यात्रियों को ठंडी हवा के झोंके परेशान करते हैं। ऐसे में यात्री भी खिड़कियों के पास की सीट पर बैठने से कतराते हैं।
क्या कहते हैं यात्री
रोडवेज की बस पर बैठक बिसौली से शाहजहांपुर आए हैं। बस की हालत ऐसी है कि खिड़कियों से हवा आती है। ठंड की वजह से सफर पूरा करना मुश्किल हो गया। - सूरज सक्सेना
कभी-कभी रोडवेज की बस से सफर करके कचहरी आना होता है। जिनमें यात्री सुविधाओं का अभाव साफ देखा जा सकता है। कब रास्ते में खड़ी हो पता नहीं है। - अभिषेक
रोडवेज उन्हीं बसों का संचालन करता है, जिनकी स्थिति ठीक होती है। लगभग सभी बसों में व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। जिनमें दिक्कतें आती है उनको तुरंत ही सही कराया जाता है। - एसके वर्मा, एआरएम