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SI Suicide Case: मोबाइल में छिपा है दरोगा वरुण की आत्महत्या का राज, लेकिन पुलिस के सामने है ये मुश्किल

Mon, 27 Nov 2023 09:59 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

परौर थाने के दरोगा वरुण सिंह ने आत्महत्या क्यों की थी, यह राज अभी भी खुल नहीं सका है। उनके मोबाइल में कई राज छिप हो सकते हैं, लेकिन उसका पैटर्न लॉक नहीं खुल पाया है। पुलिस ने मोबाइल को साइबर सेल के पास भेजा है। 
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दरोगा वरुण कुमार सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर के परौर थाने में दरोगा की आत्महत्या मामले का राज उनके मोबाइल फोन में हो सकता है लेकिन पुलिस तीन दिन बाद भी फोन का पैटर्न लॉक नहीं खोल सकी है। डाटा नष्ट होने की आशंका पर पुलिस ने फोन सील कर साइबर सेल को भेजा है। वहां के विशेषज्ञ पुलिस की मदद करेंगे।

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शामली जिले के थाना झिंझाना के गांव चौदह हाड़ी निवासी 35 वर्षीय उपनिरीक्षक वरुण ने बृहस्पतिवार रात थाना परिसर में सरकारी आवास में फंदे से लटककर जान दे दी थी। उनका शव शुक्रवार को कमरे में पंखे से लटका मिला था। वे वायरलेस इयरबड लगाए थे। 

बताया जा रहा था कि आत्महत्या के वक्त वह मोबाइल फोन पर किसी से कॉल पर बात कर रहे थे। ऐसे में प्रकरण को प्रेम प्रसंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वरुण के चचेरे भाई शामली जिले के भाकियू जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी ने एसपी देहात को प्रार्थना पत्र देकर गहनता से मामले की जांच की मांग की थी। उन्होंने मोबाइल फोन से छेड़खानी का भी आरोप लगाया था। 
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पुलिस ने दरोगा के मोबाइल फोन को खोलने का प्रयास किया, लेकिन पैटर्न लॉक के चलते कामयाबी नहीं मिल सकी। जबरन खोलने से डाटा नष्ट होने की आशंका है। रविवार को वरुण का मोबाइल सील कर जिला मुख्यालय पर साइबर सेल को भेजा गया जहां पर विशेषज्ञ फोन खोलने का प्रयास करेंगे।

चचेरे भाई के साथ जम्मू घूमने जाने को थे वरुण
वरुण के चचेरे भाई आशीष चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनकी वरुण से बात हुई थी। जम्मू घूमने जाने को लेकर उससे बातचीत हुई थी। वरुण ने उनसे कहा था कि छुट्टी की स्वीकृति के लिए उन्होंने थाने में पत्र दिया है जहां से पत्र पुलिस ऑफिस भेजा गया है।

कार भी खरीदना चाहते थे वरुण
दरोगा वरुण कार के काफी शौकीन थे। उनके पास एक कार पहले से थी, जो थाना परिसर में खड़ी है। वह दूसरी कार भी खरीदना चाहते थे। दूसरी कार दिलाने के लिए भाई से बात की थी।
 
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एसपी देहात संजीव कुमार वाजपेयी ने बताया कि मोबाइल फोन का पैटर्न लॉक नहीं खुल सका है। उसे साइबर सेल में विशेषज्ञों की मदद से खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
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