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पिछले साल खाली रह गईं थीं सीटें, इस बार 560 में होगा प्रवेश

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तिलहर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय - फोटो : SHAHJAHANPUR
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तिलहर। इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रवेश के लिए जिला मुख्यालय तक की दौड़ नहीं लगाना होगी। नगर के एकमात्र पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। बीए में 480 और बीकॉम में 80 छात्र-छात्राओं का प्रवेश होगा। सीटें पर्याप्त होने के कारण एडमिशन के लिए मारा-मारी नहीं होगी।
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यूनिवर्सिटी से दिशा-निर्देश प्राप्त न होने के कारण अभी प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। कयास लगाया जा रहा है कि अगले सप्ताह से एडमिशन होना शुरू होंगे। फिर भी कॉलेजों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय में पिछले वर्ष भी सीटें फुल नहीं हो पाईं थीं। प्राचार्य डॉ. शिवपूजन यादव बताते हैं कि गत वर्ष बीए में 350 और बीकॉम में 50 प्रवेश हुए थे। यहां पर बीकॉम के पहले दो सेक्शन लगाए जाते थे।
उस समय यहां पर बीकॉम में लगभग 120 सीट उपलब्ध थीं। छात्रों की उपलब्धता न होने के कारण वर्ष 2014-15 में दूसरे सेक्शन को हटा दिया गया। वर्ष 2000 के आसपास यहां पर बीएससी की भी फैकल्टी दी गई, लेकिन यहां पर व्यवस्थाएं उपलब्ध न होने के कारण यह फैकल्टी बंद कर दी गई। अब छात्रों को बीएससी कक्षाओं की दरकार है।
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कल्याण सिंह ने रखी थी कॉलेज की नींव
पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय का अपना इतिहास है। कॉलेज का शिलान्यास 22 सितंबर, 1992 को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने किया था। यह महाविद्यालय आंदोलन की देन है। नगर वासियों ने तत्कालीन युवा छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन किया था। बाजार बंद करने के साथ हाईवे भी जाम किया था। भवन निर्माण के बाद 15 जुलाई, 1996 को राज्यपाल के सचिव आईएस राय सिंह ने महाविद्यालय का उद्घाटन किया। यहां पर बीए और बीकॉम की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
कॉलेज में पढ़े छात्र देश-विदेश में कर रहे नाम
डिग्री कॉलेज में शिक्षा अर्जित करने के बाद तमाम छात्र देश और विदेश में तिलहर का नाम रोशन कर रहे। तमाम छात्र चार्टर्ड अकाउंटेंट, पुलिस, सेना, सरकारी विद्यालयों में नियुक्त हैं। विद्यालय के छात्र मोहम्मद अजीमुश्शान अंसारी सीए करने के बाद दिल्ली में डीडीए में अधिकारी है। वहीं, अरमान अंसारी विद्युत विभाग में अकाउंटेंट ऑफिसर, सलमान हुसैन, मोहम्मद आजम खान, तहसीन चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉ. अरशद खान महाविद्यालय में प्रोफेसर, दातागंज निवासी अमित गुप्ता एलआईसी में अधिकारी, मोहम्मद अरशद खान सऊदी अरब में महाविद्यालय में प्रोफेसर, राम सिंह देहरादून यूनिवर्सिटी में शिक्षक, प्राचार्य की बेटी ममता यादव, सरिता यादव, बृजेश, रंजीत गंगवार समेत कई छात्र सरकारी अध्यापक हैं।
राजकीय महाविद्यालय में प्रवेश के लए तैयारियां पूरी हैं। मार्गदर्शन दल का गठन कर दिया गया। सरकारी कॉलेज होने के कारण 2000 रुपये से कम में प्रवेश हो जाता है, जबकि इससे अधिक छात्रवृत्ति प्राप्त हो जाती है। -डॉ. शिवपूजन यादव, प्राचार्य।
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