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रोजा के लोको पायलट चलाएंगे लंबी दूरी की ट्रेनें, आदेश से बढ़ी दुविधा

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रोजा जंक्शन - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। मुरादाबाद डिवीजन में रोजा रेलवे स्टेशन को नंबर वन माना जाता है। वर्तमान में यहां मेल/एक्सप्रेस के 30, पैसेंजर 33, मालगाड़ी 134 लोको पायलट हैं। जबकि सहायक लोको पायलटों की संख्या 369 हैं। बुधवार की रात एक नया फरमान आया है, जिसमें रोजा के लोको पायलटों को प्रतापगढ़, फैजाबाद, हरिद्वार, आजमगढ़ के लिए ट्रेन लेकर जाने के आदेश दिए हैं।
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इस आदेश के जारी होने से लोको पायलट असमंजस की स्थिति में हैं। कुछ लोको पायलट इस आदेश को सही बता रहे हैं तो आधे से अधिक का कहना है कि नया आदेश सरासर गलत है। नए आदेश से दुर्घटनाएं अधिक होंगी, लोको पायलटों को रेस्ट (आराम करने का समय) कम मिलेगा। अभी तक रोजा के लोको पायलट मुरादाबाद, लखनऊ, सीतापुर, कानपुर के लिए ट्रेन चलाते थे।
यह है समस्या
फिलहाल प्रतापगढ़ से जो लोको पायलट ट्रेन लेकर चलता था, वह लखनऊ तक आता था। लखनऊ से ट्रेन लेकर चलने वाला मुरादाबाद तक जाता था और मुरादाबाद से चलने वाले को दिल्ली जाना होता था। इस तरह चार लोको पायलट एक ट्रेन को पहुंचाते थे, लेकिन अब नए फरमान के बाद दो लोको पायलट पूरी ट्रेन को चलाएंगे। प्रतापगढ़ से रोजा और रोजा से दिल्ली के लिए जाना होगा। इसी को लेकर लोको पायलटों में नाराजगी है। कई लोको पायलट लिखकर देने के लिए तैयार हैं कि उन्हें रिटायरमेंट दे दिया जाए।
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नया आदेश सभी मायने में अनुचित है। टाइम टेबल और कंपेयर लिंक बनाने में वास्तविक रूप से कार्य करना संभव नहीं है। लगातार सात से आठ घंटे कार्य करना आसान नहीं है। नरमू ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ इसका हरसंभव विरोध करेगी और इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। - अमित भगत मिश्रा, लोको पायलट रोजा
जो फरमान जारी हुआ है उसके आधार पर गाड़ी चलाने से दुर्घटनाएं अधिक होंगी और लोको पायलट को आराम कम मिलेगा। लोको पायलट हमेशा तनावग्रस्त रहेगा। रोजा के लोको पायलटों ने लखनऊ और मुरादाबाद तक रास्ता देखा है। दूसरे डिवीजन में ट्रेन चलाने में असुविधाजनक होगा। - अनुराग श्रीवास्तव, लोको पायलट
ट्रेन चलाने में वैसे ही अधिक समय लगता है। जबसे दो मालगाड़ी जोड़कर चलाई जा रही हैं, तब से मेल एक्सप्रेस गाड़ी काफी लेट हो जाती हैं। अब इतनी दूर तक ट्रेन चलाकर ले जाना लोको पायलटों के लिए बहुत मुश्किल भरा कार्य होगा। इससे तो लोको पायलट परेशान ही होंगे। - राकेश कुमार सक्सेना, लोको पायलट
नया आदेश लोको पायलटों के लिए काफी घातक सिद्ध होगा। दूसरे एरिया में जाने के लिए काफी दिक्कत होगी। जगह-जगह नए सिग्नल लगाए गए हैं। नए सिग्नल को देखने में बहुत समय लगेगा। जिससे ओवरशूट की घटनाएं होंगी। इसलिए यह आदेश वापस लिया जाए। - राजेंद्र कुमार, लोको पायलट संडीला
नया आदेश आया है, जिसके आधार पर लोको पायलटों को ट्रेन चलानी हैं। लोको पायलटों से बातचीत की जाएगी। जो लोको पायलट तैयार होंगे, वे ट्रेन चलाएंगे। अन्यथा पुरानी व्यवस्था के हिसाब से ट्रेनें चलाई जाएंगी। जिन लोको पायलटों को नए आदेश के हिसाब से ट्रेन चलाने में परेशानी नहीं है वे चलाएं, जो तैयार नहीं है, वे न चलाएं। - वीरेंद्र कुमार झा, लोको निरीक्षक रोजा
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