शाहजहांपुर। व्यापक वर्षा के असर से गंगा-रामगंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में शनिवार को भी वृद्धि जारी रही। बीते 24 घंटे की तुलना में कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर दस सेमी बढ़ गया, जबकि रामगंगा 159.10 मीटर पर स्थिर है। इधर, शहर के समीप गर्रा और खनौत में बीते दिन की तुलना में पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन गंगा में लगातार तीसरे दिन पानी बढ़ने का क्रम जारी रहने से जलालाबाद से कलान तक तटीय इलाकों में मुश्किलें बढ़ रही हैं।
गंगा में दोबारा आई बाढ़ के कारण जलालाबाद के ढाई गांव से लेकर मिर्जापुर और कलान तक करीब चार दर्जन गांवों के बाशिंदे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, कलान क्षेत्र में भैंसार गांव के पास बांध होने से आसपास के लगभग 40 गांव बाढ़ से पूरी तरह सुरक्षित हैं। नरौरा बैराज से करीब 20 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी की निकासी कम हो जाने से सिंचाई विभाग के अभियंता अगले 48 घंटे में गंगा में उफान कम होने की उम्मीद जाहिर कर रहे हैं, लेकिन शनिवार को दोपहर बाद से गंगा में पानी बढ़ने से मिर्जापुर क्षेत्र में पैलानी उत्तर, आजादनगर, इस्लामनगर और निकटवर्ती फर्रुखाबाद जनपद के सीमावर्ती गांव चितार, कमथरी चौतरफा बाढ़ से घिरकर टापू बन गए हैं।
दोपहर तक जलालाबाद- ढाईघाट मार्ग और मिर्जापुर-कमथरी मार्ग पर गंगा का दो से ढाई फीट पानी आ गया है। पानी बढ़ने पर दोनों मार्गों पर सामान्य यातायात भी प्रभावित होने लगा है। हालांकि, बहुत जरूरी कामों से बाहर निकले लोग खतरों से जूझते हुए दुपहिया वाहनों समेत पानी के तेज बहाव से होकर गुजर रहे हैं। उनकी देखादेखी बाहर से आए अन्य राहगीर भी जलमग्न रास्तों से आवाजाही कर रहे हैं।
सिंचाई विभाग के कनिष्ठ लिपिक सत्येंद्र वर्मा ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सुबह मिली सूचनाओं के हवाले से बताया कि नरौरा बैराज से गंगा में पानी का बहाव 1.03 लाख क्यूसेक से घटकर 83852 क्यूसेक हो गया है, लेकिन बदायूं के कछला घाट पर गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़ा है। इसलिए नरौरा से डिस्चार्ज में हुई कमी गंगा के जलस्तर में कमी के तौर पर सोमवार से दिखेगी, क्योंकि बदायूं के हजरतपुर से सिमटकर बैराज का अतिरिक्त पानी रविवार दोपहर तक जिले की सीमा में ढाई घाट पहुंचेगा।
बताया कि खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से पानी की निकासी कम होने से रविवार तक रामगंगा के जलस्तर में गिरावट आने की संभावना है। ड्यूनी डॉम से पानी की निकासी थमी होने के कारण शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियों में भी उफान कम होने के संकेत हैं। फिलहाल, गर्रा दस सेमी घटकर 144.30 मीटर पर और खन्नौत 35 सेमी कम होकर 143.05 मीटर पर बह रही है।