शाहजहांपुर। नरौरा बैराज से निकल रहे अतिरिक्त पानी की मात्रा कम नहीं होने से जनपद से होकर बहने वाली गंगा में जलालाबाद के ढाई घाट और मिर्जापुर क्षेत्र से लेकर कलान के भैसार बांध तक पानी बढ़ने और फैलाव लेने लगा है। बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 15 सेमी बढ़कर 142.15 मीटर हो गया है। उधर, रामगंगा के जलस्तर में सोमवार को दूसरे दिन भी वृद्धि जारी रहने के कारण परौर क्षेत्र तटवर्ती गांवों में कटान थोड़ा धीमा पड़ा है, लेकिन जलसतर में कमी आने पर भूमि कटान तेज होने की आशंका बढ़ गई है। इसीलिए सिंचाई विभाग के अभियंता वहां कटान वाले हिस्सों में बालू से भरी बोरियों से वायर क्रेट बनवाने में जुटे हुए हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को आज सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से 56756 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। इस कारण बीते दिन बदायूं के कछला घाट पर 60 सेमी बढ़ चुकी गंगा का जलस्तर वहां आज फिर 60 सेमी बढ़कर 162.30 मीटर हो गया है। चूंकि, जनपद की सीमा में ढाई घाट पर गंगा का पानी बदायूं के हजरतपुर होकर यहां आता है। इसलिए गंगा के जलस्तर में अगले 24 से 36 घंटे तक जलस्तर में वृद्घि जारी रहने के आसार बन गए हैं। इस कारण मिर्जापुर क्षेत्र में तटवर्ती ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के मजरा आजादनगर और इस्लामनगर के बाशिंदे बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर आशंकित हैं।
सिंचाई विभाग के वरिष्ठ लिपिक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि खो, हरेली, किचछा, रामनगर आदि उत्तराखड के बैराजों से पानी की निकासी करीब छह हजार क्यूसेक कम होकर 8125 क्यूसेक रह गई है, लेकिन बीते दिन इन बैराजों से निकले अतिरिक्त पानी के कारण बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा लगातार दूसरे दिन छह सेमी बढ़कर 158.92 मीटर पर पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि बीते दिन हुई बारिश और ड्यूनी डाम से अतिरिक्त पानी बहाए जाने से शहर के समीप गर्रा का जलस्तर 15 सेमी बढ़कर 144.90 मीटर हो गया और खन्नौत भी 20 सेमी बढ़कर 142.60 मीटर पर बह रही है।
परौर। दो दशक पहले तक रामगंगा के किनारे बसे मोहनपुर, मंझा, बाजार मोहल्ला, नारायण नगर पूर्वी, नारायण नगर पश्चिमी, साहनी घाट, हैदरपुर, दहिलिया आदि गांवों के लोग खेती करके चैन से जीवन यापन करते थे। बाद में नदी की धारा ने दिशा बदलकर कटान करना शुरू किया तो थमने का नाम नहीं लिया। कटान रोकने के लिए स्थायी ठोकरें बनाने मेें की गई लापरवाही का खामियाजा इन गांवों के सैकड़ों लोगों को उठाना पड़ा। उपजाऊ जमीनें कटने से भूमिहीन हुए तमाम परिवारों के लोग अन्य शहरों में मेहनत-मजदूरी के काम करने को मजबूर हो गए हैं।
फिलहाल, रामगंगा में पानी बढ़ने के कारण कटान धीमा पड़ने से ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है। इस बीच, सिंचाई विभाग का अमला मुस्तैदी से कटान रोकने के लिए डटा हुआ है। मोहनपुर से लेकर नारायणनगर पश्चिमी तक कटान वाले हिस्सों में तार और रस्सी के जाल में बालू से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनूप कुमार के अनुसार कटान वाले हिस्सों में बालू की बोरियों के भराव का काम जल्द पूरा करा लिया जाएगा।