फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामगंगा में पानी बढ़ने के साथ फिर तेज हो गया भूमि कटान

विज्ञापन
शाहजहांपुर के परौर क्षेत्र में सोमवार को नारायणनगर पश्चिमी के पास रामगंगा से हो रहा कृषि भूमि का - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। रामगंगा में पिछले 48 घंटे के दौरान जलस्तर करीब दस सेंटीमीटर कम होने के बाद नदी में पानी फिर से बढ़ने लगा है। परौर क्षेत्र के तटीय गांवों के आसपास भूमि कटान तेज हो गया है। सिंचाई विभाग के अभियंता ठेकेदार के श्रमिकों के जरिए वहां बालू की बोरियों का भराव करा रहे हैं, लेकिन तेज बहाव के आगे यह व्यवस्था कारगर नहीं हो रही है। उधर, गंगा के जलस्तर में सोमवार को दूसरे दिन भी गिरावट बनी रही, लेकिन मिर्जापुर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों से बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
विज्ञापन

बाढ़ नियंत्रण कक्ष को उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के बांधों-बैराजों से मिली सूचनाओं के अनुसार वहां से नदियों में पानी की निकासी कम होने लगी है। नरौरा बैराज से गंगा मेें सोमवार को सिर्फ 40773 क्यूूसेक पानी निकल रहा है। इसका प्रभाव गंगा के घटते जलस्तर के तौर पर दिख रहा है। कलान क्षेत्र में भैंसार बांध पर गंगा पिछले 24 घंटे मेें 12 सेमी सिमटकर 142.98 मीटर पर बह रही है। खो, हरेली, किच्छा, रामनगर बैराजों से रामगंगा में आ रहे पानी की मात्रा भी 12 हजार क्यूसेक घटकर 15756 क्यूसेक रह गई है। इसके बावजूद, दो दिन पहले अधिक मात्रा में निकला पानी यहां पहुंचने से रामगंगा में उफान बना हुआ है।
सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर आठ सेमी बढ़कर 159.60 मीटर हो गया है। मंगलवार सुबह तक जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। बताया कि ड्यूनी डाम से बीते दो दिन मेें पांच से छह हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी निकलने से शहर के पास गर्रा का जलस्तर 95 सेमी बढ़कर 145 मीटर हो गया है, लेकिन नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश नहीं होने से खन्नौत का जलस्तर बीते दिन से 142.45 मीटर पर स्थिर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें