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एनएचएआई से अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा दिलाने की गुहार

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शाहजहांपुर के कलक्ट्रेट परिसर में बुधवार को जमीन का मुआवजा पाने के लिए अधिकारियों को ज्ञापन देन? - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए बरेली मोड़ के पास अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा भूमि स्वामियों को अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने बुधवार को कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह से भेंट की। उन्होंने उन्हें विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के नाम ज्ञापन दिया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से मुआवजा जल्द दिलाने की मांग की।
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शहर के मोहल्ला मोहम्मद जई निवासी रजनीश कुमार गुप्ता समेत अन्य भूमि स्वामियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को बताया कि बरेली मोड़ के पास मौजमपुर में उनकी भूमि वर्ष 2009-10 में हाईवे को फोरलेन बनाने के लिए अधिग्रहीत की गई थीं। पारित अधिग्रहण आदेश के खिलाफ जिला जज न्यायालय में याचिका दाखिल की गई, लेकिन उस पर पारित आदेश के खिलाफ एनएचएआई ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की। अपील की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने व्यावसायिक दर पर भुगतान करने का आदेश पारित किया।
ज्ञापन में कहा है कि उच्च न्यायालय से आदेश के बावजूद मुआवजा धनराशि का भुगतान नहीं होने से न्यायिक अवमानना हो रही है। इस ओर ध्यान नहीं देने पर उन्हें दोबारा न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। भूमि मालिकों का कहना है कि वर्तमान प्रभावी अधिग्रहण अधिनियम में जमीन का मुआवजा निर्धारित दर से चार गुना दिया जा रहा है, जबकि उनकी जमीनों का मुआवजा पुराने अधिनियम के तहत निर्धारित किया गया था। इस मौके पर उर्मिला गुप्ता, मनोज कुमार, शकुंतला देवी, मंजू दीक्षित, निर्भय अग्रवाल, संतराम सिंह, गोपाल कृष्ण मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।
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