शाहजहांपुर। गोंडा में दुष्कर्मी आसाराम के आश्रम में लड़की की लाश मिलने के बाद शुक्रवार को शाहजहांपुर में दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने अपनी व परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा को बढ़ाने की मांग करते हुए बताया कि 21 मार्च को आसाराम के गुर्गे ने घर पर आकर बेटी समेत पूरे परिवार को जलाकर मार देने की धमकी दी है। वह एक धमकी भरा पत्र भी फेंक गया था।
शाहजहांपुर की नाबालिग लड़की ने वर्ष 2013 में आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। अदालत ने 2018 में आसाराम को इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। शुक्रवार को दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने फोन पर बताया कि उनके परिवार पर अब भी खतरा मंडरा रहा है। आसाराम के गुर्गे पहले भी कई बार उन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर चुके हैं। 21 मार्च की सुबह आठ बजे आसाराम का गुर्गा राम सिंह निवासी गोपालपुर जिला मैनपुरी उनके घर आया था।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने उसे पहले कई बार आसाराम के आश्रम में देखा था। उसने मकान के गेट पर आकर धमकाया कि जनपद से चले जाओ, अन्यथा बेटी समेत पूरे परिवार को जलाकर मार देंगे। वह एक पत्र फेंककर भाग गया था, जिसमें बेटी व उनके लिए गालियां लिखी हुईं थीं। इसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को भी दी थी। पुलिस ने अभी तक कोई खास कार्रवाई नहीं की है।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने शुक्रवार को गोंडा में लड़की की लाश मिलने के बाद अपनी व परिवार की जान को खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होना चाहिए, साथ ही उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। एसपी एस. आनंद ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एलआईयू से वार्ता करने के बाद पीड़िता के पिता को सुरक्षा दी जाएगी।
पुलिस ने गुर्गे को पागल बताकर झाड़ लिया पल्ला
आसाराम को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने वाली बहादुर बिटिया के परिवार को धमकाने से गुर्गे बाज नहीं आ रहे। एक बार नहीं, बल्कि कई बार गुर्गों ने आकर बिटिया और उसके पिता का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया। आसाराम के जेल जाने के बाद पीड़िता के घर के बाहर पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। दरोगा व सिपाहियों की ड्यूटी भी रहती थी। धीरे-धीरे सुरक्षा कम होती गई।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने बताया कि उनके घर के बाहर कभी एक तो कभी दो सिपाही रहते हैं। कई बार तो वे भी नहीं आते हैं। जिस दिन मैनपुरी निवासी गुर्गा धमकी देने आया। उस दिन सिपाही नहीं थे। उन्होंने इस मामले को चौक कोतवाली में जाकर कोतवाल को बताया था। उन्होंने चौकी इंचार्ज के पास भेज दिया। पीड़िता के पिता के मुताबिक, चौकी इंचार्ज ने मैनपुरी के गोपालपुर के प्रधान से बात करने के बाद आरोपी राम सिंह को पागल बता दिया, साथ ही यह भी बताया कि गोपाल अब गांव में नहीं रहता है।
गदियाना में केस के गवाह कृपाल सिंह की हत्या कर दी गई थी
2015 को आसाराम केस के गवाह थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला गदियाना निवासी कृपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में कानपुर के नारायण पांडेय का नाम सामने आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।