खुटार (शाहजहांपुर)। लखीमपुर के मैलानी कस्बे स्थित कार्यालय से निकलकर रेंजर डीएस यादव ने शनिवार को फत्तेपुर जंगल में मुआयना किया। रेंजर ने वनकर्मियों से पेड़ कटान के बारे में जानकारी ली। कई वनकर्मियों के परिजन की संलिप्तता पाए जाने पर रेंजर ने फटकार लगाई। वन दरोगा रामप्रसाद वर्मा को सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्हें जंगल में फावड़ा और लकड़ी के बोटे बरामद हुए।
जनपद में जंगल का सबसे ज्यादा क्षेत्रफल खुटार रेंज के पास है। माफिया की निगाहें भी इस पर टिकी रहती हैं। वनकर्मियों की मिलीभगत से फत्तेपुर जंगल में कोरों और सागौन के कीमती पेड़ो का कटान तेजी से किया जाता है। अमर उजाला में पांच मार्च के अंक में ‘एक तरफ जंगल बसाने की तैयारी...दूसरी ओर चल रही आरी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई। इसके बाद शनिवार को रेंजर डीएस यादव खुटार बीट के फत्तेपुर जंगल में बनी वन चौकी पर पहुंचे।
वनकर्मियों के पास चौकी पर पड़े ताले की चाबी तक नहीं थी। काफी देर रेंजर गाड़ी में ही बैठे रहे और फिर जंगल में मुआयना करने निकल पड़े। इस दौरान रेंजर ने वनकर्मियों से जानकारी ली तो पता लगा कि कुछ वनकर्मियों के परिजन ही लकड़ी कटान में शामिल हैं। इस पर रेंजर ने वन दरोगा को फटकार लगाई।
जड़ों के ऊपर शुरू हुआ मिट्टी डालने का काम
फत्तेपुर जंगल में मुआयने में कटे पेड़ों की जड़ों पर मिट्टी डाल रहे श्रमिक फावड़ा मौके पर ही छोड़कर भाग निकले। वन दरोगा रामप्रसाद वर्मा ने फावड़ा उठाकर रेंजर को दिया। इससे यह साबित होता है कि माफिया पर कार्रवाई करने की जगह पर कटान को छिपाने के लिए जंगल में पेड़ की जड़ों पर मिट्टी डालने का काम शुरू किया था, जो रेंजर ने पकड़ लिया।
लकड़ी की बोट और गुटके पड़े मिले
रेंजर मौका मुआयना करने पहुंचे तो पहले वन दरोगा रामप्रसाद जंगल में कटे हुए पेड़ों को देखने पहुंचे। एक पेड़ के पास कटी पड़ी लकड़ी की एक छोटी बोट मिली और उसके कुछ दूर पर लकड़ी के गुटके पड़े मिले।
वन दरोगा देंगे जवाब
जंगल मे कटान का मुआयना करने पहुंचे रेंजर डीएस यादव ने कहा कि मीडिया के सवालों के जवाब वन दरोगा रामप्रसाद वर्मा देंगे। वह इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं। इस पर वन दरोगा ने कहा कि कटान की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
खुटार के रेंजर मुआयना करने गए थे, जांच रिपोर्ट आने में समय लगेगा। जांच रिपोर्ट में जो दोषी पाया जाएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कटान पर कड़ाई से अंकुश लगाने के लिए पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं।
- आदर्श कुमार, डीएफओ शाहजहांपुर
खुटार के जंगल में कटी पड़ी लकड़ी की बोट को देखते वन दरोगा रामप्रसाद वर्मा- फोटो : KHUTAR