शाहजहांपुर। थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला तारीन बहादुरगंज निवासी मोबाइल व्यापारी मोहम्मद सिराज ने सूदखोर से तंग आकर शुक्रवार रात जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर प्रयास किया। हालत गंभीर होने पर परिजन ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां उसकी हालात सामान्य बनी हुई है। सिराज की जेब से सुसाइड नोट निकला है, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार सूदखोर को ठहराया। आरोप है कि सूदखोर उसके साथ मारपीट करता था। तंग आकर वह अपनी जिंदगी खत्म करने जा रहा है।
ओसीएफ से सेवानिवृत्त हुए मेराज हुसैन के पुत्र मोहम्मद सिराज की मोबाइल की दुकान है। मेराज के मुुताबिक, ढाई साल पहले उसे 50 हजार रुपये की जरूरत पड़ी तो उसने सूदखोर से मदद मांगी। सूदखोर ने अपने घर बुलाकर शराब पिलाई, साथ ही उसने एक लाख 50 हजार रुपये का चेक दे दिया। चेक कैश होने के बाद सूदखोर ने एक लाख रुपये वापस ले लिए, जबकि 50 हजार रुपये सिराज के पास रह गए। एक महीना बीतने के बाद सूदखोर उनसे एक लाख 50 हजार रुपये का 15 हजार रुपये ब्याज मांगने लगा। उसके विरोध करने पर सूदखोर ने धमकाते हुए कहा कि उसने डेढ़ लाख का चेक दिया। इसके आधार पर तुम्हें जेल करवा दूंगा। उसने फर्जी एग्रीमेंट बनवाकर हस्ताक्षर करा लिए।
दो साल से परेशान सिराज ने शुक्रवार रात आठ बजे कीटनाशक दवा व चूहे मारने वाली दो पुड़िया खा लीं। जहर खाने के बाद उसने अपने दोस्त अंटा निवासी शावेज को फोन कर बुलाया। दोस्त के आते ही वह रो पड़ा। बोला मेरे बच्चों का ध्यान रखना। जहर खाने की बात सामने आने पर पूरे परिवार में खलबली मच गई। तुरन्त ही उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित से पूछताछ की है। सिराज की जेब से एक सुसाइड नोट भी निकला है। इसमें पीड़ित ने लिखा है कि मेरे मरने के बाद अम्मी-पिता, बीवी और दोनों बच्चों का ख्याल रखना। मेरी मौत का जिम्मेदार सूदखोर है। पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है।
दो पेज के सुसाइड नोट में लिखीं पूरी बात
सिराज ने दो पेज के सुसाइड नोट के पहले पेज पर सबसे ऊपर चार मार्च तारीख डाली है। उसके बाद अपनी पूरी बात लिखी। उसने लिखा है कि सिर्फ 50 हजार रुपये ही मेरे पास बचे थे, एक महीना पूरा होने पर सूदखोर ने 15 हजार रुपये ब्याज का लिया। 30 हजार रुपये ब्याज का दे चुका है, लेकिन अब रुपये देने की हालत नहीं बची है। ब्याज का रुपया देने से मना करने पर सूदखोर ने कई बार घर में बुलाकर मारपीट की। उसके साथ अभद्रता करने के साथ ही पत्नी के लिए भी अपशब्द कहे।
पिता की उम्र 78 साल, बूढ़ी मां को दिखाई नहीं देता
जहरीला पदार्थ खाने से पहले सिराज ने पूरे इत्मिनान से सुसाइड नोट लिखा है। उसने लिखा कि उनके पिता की उम्र 78 साल है। बूढ़ी मां को आंखों से दिखाई नहीं देता है। पत्नी व दो बच्चे भी हैं। वह सूदखोर को 30 हजार रुपये ब्याज में दे चुका है। अब मेरे बस का नहीं है। इसलिए परेशान होकर आत्महत्या कर रहा। मुझे उससे बहुत डर लगता है। उसका फोन नहीं उठाने पर दुकान पर गाली-गलौज करता है।
सूदखोर का घर चेक करें तो बहुत लोगों के एग्रीमेंट मिलेंगे
-सिराज का कहना है कि सूदखोर का घर चेक करें तो बहुत से लोगों के चेक और कई लोगों के एग्रीमेंट मिलेंगे। सूदखोर ने उनके पड़ोसी दुकानदार को दो लाख रुपये ब्याज पर दिया। वह उसके रुपये नहीं देता है। उनके रुपये भी सिराज से सूदखोर मांगता है। सिराज ने सुसाइड नोट में कई लोगों के नाम लिखे हैं, जिन्होंने रुपये लिए हैं।
सिर्फ छह महीने चल सकी पुलिस की हेल्पलाइन
-चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने जून 2021 में सूदखोर से तंग आकर दो बच्चों व पत्नी समेत फंदे से लटककर जान दे दी थी। यह मामला हाईप्रोफाइल होने के बाद पुलिस ने सूदखोरों की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। हेल्पलाइन नंबर सिर्फ छह महीने ही सक्रिय रहा। पुलिस के मुताबिक, हेल्पलाइन नंबर का अच्छा रिस्पांस नहीं मिला है। उस पर अधिकतर उधारी के रुपये नहीं देने की सूचनाएं आतीं थीं। इसके बाद नंबर को बंद कर दिया गया था।
सूदखोर से तंग आकर मोबाइल व्यापारी द्वारा जहर खाने के बारे में जानकारी आई है। पीड़ित ने पहले कोई शिकायत नहीं की थी। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विवेचना के बाद सच्चाई देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, एसपी सिटी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती मोहम्मद सिराज- फोटो : SHAHJAHANPUR