कलक्ट्रेट में ज्ञापन देते अटेवा पुरानी पेंशन बहाली मंच के सदस्य। स्रोत : संस्था
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शाहजहांपुर। अटेवा एनएमओपीएस के राष्ट्रीय आह्वान पर अटेवा पुरानी पेंशन बहाली मंच से जुड़े शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने विद्यालय विलय और निजीकरण के विरोध में मार्च निकाला। विलय का आदेश वापस लेने की मांग उठाई।
जिला उपाध्यक्ष कामद नाथ पाठक के नेतृत्व में एनपीएस यूपीएस निजीकरण एवं विद्यालय मर्जर के विरोध में रोष मार्च निकाला गया। राजकीय इंटर कॉलेज क्रीड़ास्थल में एकत्र हुए शिक्षक एवं कर्मचारी हाथों में बैनर लेकर बहादुरगंज सदर थाना होते हुए बारिश में भीगते और नारे लगाते कलक्ट्रेट पहुंचे।
उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सरकार से मांग की गई कि निजीकरण एवं विद्यालय विलय जैसी नीतियों को बंद करें। पुरानी पेंशन बहाल करें। रैली प्रभारी कामद नाथ पाठक ने कहा कि बेसिक के विद्यालयों का विलय करना राष्ट्रहित में नहीं है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के नौनिहाल शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आशीष भदौरिया ने कहा कि निजीकरण देश के लिए घातक बीमारी है। जिला कोषाध्यक्ष विनोद कुमार कश्यप ने कहा कि संस्थाओं का राष्ट्रीयकरण किया जाए तो आम जनमानस के साथ देश भी मजबूत होगा।
जिला संयोजिका प्राची आर्या ने कहा कि यदि सरकार मांगों को नहीं मानती है तो 25 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली की जाएगी। इस दौरान जिला सलाहकार राजकुमार सिंह, नगर संयोजिका दीपशिखा त्रिपाठी, जिला सांस्कृतिक प्रभारी प्रवेश दिवाकर, माधवी मिश्रा, पूजा श्रीवास्तव, योगेश कुमार, पृथ्वीराज आदि मौजूद रहे।