पुवायां (शाहजहांपुर)। बच्चों से कूड़ा उठवाने के मामले में बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। मामले में एससी-एसटी आयोग की ओर से भी नोटिस जारी कर जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
खुटार के गांव रौतापुर कलां निवासी उमाशंकर ने एससी-एसटी आयोग, बीईओ आदि को 11 सितंबर को पत्र भेजकर बताया था कि वह अनुसूचित जाति से है और उनका पुत्र गांव के ही प्राथमिक स्कूल में कक्षा पांच का छात्र है। उनका पुत्र स्कूल से आकर आए दिन शिकायत करता है कि स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक वरुण भार्गव उससे और अन्य बच्चों से कूड़ा उठवाते हैं। इसलिए वह पढ़ने नहीं जाना चाहता।
पुत्र के कई बार शिकायत करने पर वह 11 सितंबर को स्कूल पहुंचे तो प्रधानाध्यापक बच्चों से कूड़ा उठवा रहे थे। शिकायत करने पर प्रधानाध्यापक भड़क गए और अभद्रता करने लगे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग कूड़ा नहीं उठाएंगे तो क्या हम उठाएंगे। प्रधानाध्यापक ने कहा कि तुम्हारा बच्चा वीवीआईपी है तो उसका नाम किसी कॉन्वेंट स्कूल में लिखवा लो।
उमाशंकर की शिकायत पर एससीएसटी आयोग ने जिलाधिकारी को नोटिस भेजकर मामले की जांच कराने और आख्या देने को कहा था। जिलाधिकारी ने बीएसए सुरेंद्र सिंह को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच के बाद बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है।
डीएम से होती हुई लेखपाल तक पहुंची जांच
आयोग की ओर से भेजे गए पत्र को डीएम ने जांच के एसडीएम को भेजा था। एसडीएम ने तहसीलदार, तहसीलदार ने नायब तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने कानूनगो और कानूनगो ने लेखपाल को जांच सौंप दी। आयोग की ओर से जांच की समय सीमा भी बीत चुकी है और अभी तक रिपोर्ट आयोग को नहीं भेजी जा सकी है।
गांव रौतापुर कलां से प्रधानाध्यापक की शिकायत का जो पत्र मिला था, उसमें बच्चों से कूड़ा उठवाने का जिक्र था। आयोग की ओर से जांच के लिए डीएम को पत्र भेजा है। मामले में जांच के बाद कार्रवाई होगी।
मिथलेश कुमार उपाध्यक्ष, एससी-एसटी आयोग, उत्तर प्रदेश।
जिलाधिकारी की ओर से गांव रौतापुर कलां में बच्चे से कूड़ा उठवाने के मामले की जांच के लिए पत्र मिला था। मैंने गांव पहुंचकर जांच की है। जांच के बाद प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है।
सुरेंद्र सिंह, बीएसए, शाहजहांपुर
मामला गांव की राजनीति से जुड़ा है। स्कूल में टाइल्स लगवाई गई थी जो टूट गई हैं। टूटी टाइल्स स्कूल परिसर में पड़े थे, जो बच्चों के पैरों में लगने से चोट लग सकती थी। शिक्षक खुद टाइल्स उठाने लगे तो बच्चे भी टाइल्स के टुकड़े उठाने लगे। कूड़ा उठवाने की बात निराधार है।
वरुण भार्गव, प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्राथमिक स्कूल रौतापुर कलां, खुटार।