शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत जिले में सभी श्रेणियों के राशन कार्डधारकों को गत कई माह से गेहूं-चावल का मुफ्त वितरण किया जा रहा था। इस बार चुनाव के बाद से मुफ्त खाद्यान वितरण में ठहराव आ गया है। चालू मार्च माह में पहले चरण का खाद्यान वितरण होली के कारण प्रभावित होने से उसकी तिथि बढ़ा कर 28 मार्च कर दी गई है।
इसके बावजूद गरीब परिवारों के जो लोग पहले चरण का राशन लेकर उसका उपभोग कर चुके हैं, वह अब खाद्यान पाने के लिए उचित दर दुकानों पर चक्कर काट रहे हैं। उधर, आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दूसरे चरण का खाद्यान्न के मुफ्त वितरण का अभी शासन से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
जिले में 5.76 लाख कार्डधारक
जिले में विभिन्न श्रेणियों के 5.76 लाख कार्डधारक हैं। इनमें 37841 अंत्योदय श्रेणी और शेष सभी पात्र गृहस्थी परिवारों से जुड़े हैं। इन सभी को गत कई माह से प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं-चावल मुफ्त दिया जा रहा है, जबकि इससे पहले पात्र गृहस्थी परिवारों को रियायती दरों पर खाद्यान्न सुलभ कराया जाता था और केवल अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो अनाज मुफ्त देने की व्यवस्था थी।
प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त के आदेशानुसार गत फरवरी माह में दूसरे चरण में मुफ्त खाद्यान वितरण के साथ अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं-चावल के साथ प्रति कार्ड एक किलो की दर से तीन माह के लिए तीन किलो चीनी का एकमुश्त वितरण भी कराया जाना था। चूंकि, खाद्यान आपूर्ति करने वाली संस्था नैफेड जिले की अधिकांश उचित दर दुकानों पर निर्धारित अवधि तक गेहूं-चावल और चीनी नहीं भेज सकी। इसलिए यह वस्तुएं पाने के लिए कार्डधारक कई दिन तक दुकानों पर भटकते रहे।
पहले चरण का नहीं मिला मुफ्त खाद्यान
जिले में राशन वितरण की यही लचर स्थिति चालू मार्च माह में भी बनी हुई है। जनपद में सरकारी सस्ता गल्ला की 1356 दुकानें हैं, लेकिन अभी तमाम ऐसी दुकानें हैं, जहां के कार्डधारकों को पहले चरण का मुफ्त खाद्यान्न नहीं मिल सका, जबकि वितरण गत छह मार्च से हो रहा है। ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है जो माह में दो बार मिलने वाले मुफ्त खाद्यान्न पर निर्भर हो चुके हैं और जिनका पहले चरण में मिला खाद्यान्न खत्म हो चुका है। इसीलिए शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश उचित दर दुकानेें बंद पड़ी हैं।
गरीबों का निवाला हड़पने वाले होंगे चिह्नित
गरीबों का निवाला हड़पने वाले उन सभी कार्डधारकों को चिन्हित किया जाएगा, जिन्होंने सिर्फ अतिरिक्त लाभ हासिल करने के लिए अपात्र होने के बावजूद अपने राशनकार्ड बनवा रखे हैं और उचित दर दुकानों से मिलने वाला सस्ता खाद्यान्न ऊंची दर पर बाजार में दुकानदारों या फिर मंडियों में गल्ला आढ़तों पर बेंच रहे हैं।
डीएम उमेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को सभी एसडीएम को सर्कुलर जारी कर निर्देश दिए कि क्षेत्रीय लेखपालों के माध्यम से ऐसे लोग चिन्हित कराकर उनके राशनकार्ड निरस्त कराएं। डीएम का कहना है कि जनपद में लक्ष्य के अनुरूप राशनकार्ड होने से वास्तविक जरूरतमंदों के नए राशनकार्ड बनाना कठिन हो रहा है। इसलिए 31 मार्च तक अपात्र कार्डधारकों का ब्योरा पूर्ति निरीक्षकों को उपलब्ध कराया जाए और सरकारी खाद्यान्न की बाजार में अवैध बिक्री पर कड़ाई से रोक लगाई जाए।
कार्डधारकों की बात
पिछले कई माह से सरकारी दुकान से गेहूं-चावल मुफ्त मिलता रहा, लेकिन अब उसे अचानक बंद कर दिया। बाजार से महंगा राशन लेने पर घर के अन्य खर्च पूरे करने कठिन हो जाएंगे। -रीता देवी, छाया कुआं
निम्न और मध्य आय वर्ग वाले परिवारों को महंगाई के दौर में गेहूं-चावल मुफ्त मिलने से काफी राहत मिली थी। योगी सरकार को पिछले कार्यकाल की तरह यह योजना लागू रखनी चाहिए। -रेखा शुक्ला, त4ारीन बहादुरगंज
होली के त्योहार के कारण मार्च में घरेलू खर्चे काफी बढ़ गए। इससे घर का बजट बिगड़ गया है। ऐसे में सरकारी दुकानों पर मुफ्त खाद्यान्न नहीं मिलने से गृहस्थी का बोझ भारी हो गया है। -लक्ष्मी वर्मा, रोशनगंज
लॉकडाउन में सरकार ने मुफ्त राशन मिलने में कोई परेशानी नहीं होने दी, लेकिन अब सारी बंदिशें हटने के बाद खाद्यान्न वितरण पर रोक समझ से परे हैं। कोटेदार सही जवाब नहीं देते कि दूसरी बार का राशन कब बटेगा। -शीला देवी, बहादुरगंज
गत छह मार्च से पहले चरण का खाद्यान्न वितरण शुरू हुआ, लेकिन त्योहारी व्यस्तता के कारण तमाम लोग उचित दर दुकानों से आवश्यक वस्तुएं नहीं ले सके। इसीलिए कार्डधारकों की सुविधा को पहले चरण की वितरण तिथि 15 मार्च से बढ़ाकर 28 मार्च कर दी गई है। इस माह दूूसरे चरण के वितरण के लिए खाद्यान्न प्राप्त हो गया है, लेकिन उसके वितरण के बारे में अभी शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस बारे में गाइडलाइन मिलने पर उसी के अनुरूप खाद्यान्न वितरण शुरू करा दिया जाएगा। -ओमहरि उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी