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चुनाव की घोषणा होते ही सर्द मौसम में गरमाया सियासी माहौल

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आशीष त्रिपाठी
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शाहजहांपुर। शनिवार दोपहर भारत निर्वाचन आयोग की प्रेस कांफ्रेंस के साथ ही जिले का सियासी माहौल सर्द मौसम में गरमा गया है। भाजपा के साथ ही सपा, बसपा और कांग्रेस के धुरंधर तैयारियों को अंतिम रूप देने में लग गए। मतदान के दिन का काउंटडाउन शुरू हो गया है और महज लगभग एक महीना शेष रह गया है।
2017 के विधानसभा चुनाव के बाद गुजरे लगभग पांच सालों में जिले का सियासी परिदृश्य काफी बदल गया है। पुवायां, ददरौल, तिलहर और जलालाबाद में पिछले चुनाव के बाद सियासत में बदलाव आया है। पुवायां सीट से सपा की प्रत्याशी रहीं शकुंतला देवी अब भाजपा में हैं। पुवायां सीट से लड़ने की तैयारी में जुटी हैं। वहीं तिलहर में कांग्रेस-सपा के संयुक्त प्रत्याशी रहे कद्दावर नेता जितिन प्रसाद अब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आ चुके हैं।
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विधान परिषद सदस्य बनने के साथ ही कैबिनेट मंत्री बन गए हैं। ददरौल से सपा प्रत्याशी रहे दिग्गज नेता पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की मृत्यु हो गई। 2017 में जलालाबाद से भाजपा प्रत्याशी रहे मनोज कश्यप की भी अचानक मृत्यु हो गई थी। इस तरह से देखें तो केवल नगर और कटरा विधानसभा सीट में भाजपा और सपा से पुराने चेहरे इस बार के सियासी रण में ताल ठोकते नजर आ सकते हैं। शेष सीटों पर नए चेहरे सामने आ सकते हैं। ददरौल सीट से स्व. राममूर्ति सिंह वर्मा के बेटे राजेश वर्मा सपा से टिकट मांग रहे हैं।
अब सभी की निगाहें टिकट की घोषणा पर टिक गई है। बसपा ने चार सीटों पर प्रत्याशियों की स्थिति लगभग साफ कर दी है। औपचारिक घोषणा का इंतजार है। जलालाबाद से दीपक यादव, कटरा से रूम सिंह यादव, नगर से सर्वेश चंद्र मिश्रा धांधू और पुवायां विधानसभा से प्रत्याशी उदयवीर सिंह हो सकते हैं। ददरौल और तिलहर से जल्द उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे। वहीं सपा, बसपा और कांग्रेस अभी प्रत्याशी की घोषणा होने के इंतजार में है।
सपा भी एक हफ्ते में टिकट घोषित होने का दावा कर रही है। भाजपा वर्तमान में पांच सीटों पर काबिज है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी वर्तमान विधायकों पर ही दांव लगाती है या फिर किसी का टिकट कटेगा। नगर सीट पर कद्दावर भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का टिकट तय है। शेष पांच सीटों पर पार्टी की ओर से जल्द निर्णय लेने की बात कही जा रही है। (संवाद)
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एक-दूसरे के प्रत्याशियों की राह देख रही भाजपा और सपा
भाजपा और सपा फिलवक्त एक-दूसरे के टिकट घोषित करने का इंतजार कर रही हैं। सपा से मुख्य टक्कर मानकर भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद अपना प्रत्याशी तय करेेगी, ताकि जातिगत समीकरण साधे जा सकें। वहीं नगर सीट को छोड़कर शेष पांच सीटों पर भाजपा प्रत्याशी को देखकर सपा अपने पत्ते खोलेगी। हालांकि कटरा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक राजेश यादव का भी सपा से टिकट लगभग पक्का माना जा रहा है।
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