शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन का आगाज होने से पहले सभी सड़कों की मरम्मत कराकर उनके गड्ढे भराने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद भी गत सप्ताह लखनऊ में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में इसी आशय के निर्देश चुके हैं। इसके बावजूद यातायात के भारी दबाव और रखरखाव की कमी से न केवल लखनऊ-पलिया हाईवे, बल्कि अन्य कई महत्वपूर्ण रास्ते खस्ताहाल पड़े हैं। उनकी मरम्मत नहीं कराए जाने के कारण बरसात का दौर शुरू होने पर सामान्य यातायात में अवरोध पड़ने की आशंका है।
जैतीपुर-दातागंज मार्ग पर वाहन पलटने का खतरा
जैतीपुर। तिलहर से जैतीपुर, खेड़ा बझेड़ा, नवादा मोड़ होते हुए दातागंज-बरेली जाने वाली सड़क की हालत बहुत खराब है। कई दिन पहले हुई बारिश का पानी अभी तक सड़क के गड्ढों में भरा हुआ है। बड़े वाहन निकलते समय उनके पलटने का डर लगा रहता है। खैरपुर-जैतीपुर के बीच खंडसार में सड़क पर लगभग 20 मीटर लंबा गड्ढा हो गया है और वहां आए दिन हादसे होते हैं। करकौर गांव में पुलिया टूटी पड़ी है। महेंद्र पाल सिंह शांति देवी इंटर कॉलेज व एक बाइक एजेंसी के पास दो बड़े गड्ढे हैं। नवादा मोड़ से दातागंज के बीच मानपुर गांव के पास सड़क बेहद जर्जर हालत में है, जबकि इस रूट पर बदायूं-दिल्ली-बरेली के लिए कई रोडवेज बसें संचालित हैं। संवाद
बंडा-पंथवारी-तिकुनियां मार्ग जर्जर
खुटार। बंडा-खुटार रोड से पंथवारी मंदिर होते हुए तिकुनिया चौराहे तक गई सड़क बेहद खराब हालत में है। पंथवारी मंदिर की काफी महत्ता के कारण यहां आए दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है और धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। तमाम बार लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया है। संवाद
खीरी से जुड़ने वाला कुंभिया मार्ग पर वाहन चलाना कठिन
खुटार। खुटार-गोला बाईपास मार्ग से गांव रसवां कलां, राठ, कुंभिया होते हुए जाने वाला मार्ग जनपद लखीमपुर के कई गांवों से होकर निकलता है। इस मार्ग से दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन है, लेकिन रोड की हालत बेहद खराब है। सड़क उखड़ने से बाइक, कार सहित अन्य वाहनों का निकलना मुश्किल है। जरा सी बारिश में रोड के गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। संवाद
शासन के निर्देश पर जनपद के सभी मुख्य मार्गों पर पैचवर्क (गड्ढे भरने का काम) लगभग पूरा हो चुका है। शासन के निर्देशानुसार जिले के ग्रामीण मार्गों को 30 जून तक गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए टेंडर हो चुके हैं और कई मार्गों पर मरम्मत का काम विभागीय कोष से शुरू कराया जा चुका है। शासन से स्वीकृत बजट की धनराशि प्राप्त होने पर इस काम में तेजी आ जाएगी। -राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (निर्माण खंड-1)