ददरौल (शाहजहांपुर)। चौहनापुर निवासी हरिकांत त्रिपाठी की पहली पत्नी की 2002 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पहली पत्नी से उसके दो बेटे हैं। बच्चों की परवरिश के लिए हरिकांत ने 2003 में रामपुर जनपद के थाना मिलक के गांव कृत्या पांडेय निवासी पिंकी से शादी कर ली थी। इसके बाद करीब दस साल पहले पूरा परिवार दिल्ली में रहने लगा। वहीं पर हरिकांत ने प्रापर्टी डीलिंग का काम शुरू कर दिया। परिजन के मुताबिक, इस बीच तीन बार पिंकी गर्भवती हुई। हर बार हरिकांत ने उसका गर्भपात करा दिया। पिंकी वारिस पैदा करना चाहती थी, लेकिन पति इसके लिए तैयार नहीं था। इसी वजह से दंपती के बीच आए दिन विवाद होता था।
हरिकांत त्रिपाठी अपने बेटों और पत्नी के साथ दिल्ली में रहने लगा था। वहीं उसने अपना कारोबार फैला रखा था। उनके भाई ओमशंकर का चौहनापुर में मकान है। यहां हरिकांत का आना-जाना लगा रहता है। शनिवार को हरिकांत पत्नी को लेकर गांव आया था। दोनों काफी खुश थे। इसके बाद दोनों पूर्णागिरी दर्शन करने के लिए गए। सोमवार रात दो बजे दोनों लौटकर आए थे। रात में हरिकांत ने पत्नी पिंकी को सिलबट्टे से कूंचकर हत्या कर दी और उनके भाई ओमशंकर व अन्य परिजन को पता ही नहीं लगा।
हत्या की खबर पाकर एसपी एस. आनंद, एसपी सिटी संजय कुमार और सीओ सदर अखंड प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। फोरेसिंक टीम ने भी पहुंचकर नमूने सील किए। बेटी की हत्या की खबर पाकर पिता नत्थूलाल पांडेय, मां दुर्गेश कुमार, भाई विनीत और विपिन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। मां दुर्गेश पांडेय ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले बेटी पिंकी को बांझ कहते थे। बेटी तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन हरिकांत ने मारपीट करने के बाद गर्भपात करा दिया। बेटी बच्चे को जन्म देना चाहती थी। उसका पति इस बात के लिए तैयार नहीं था। दुर्गेश पांडेय ने हरिकांत के दोनों बेटों के भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है।
सीओ सदर अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी हरिकांत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
पिंकी ने पिटाई में चोटिल होने पर फोटो मां को भेजे थे
पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखती मां दुर्गेश पांडेय ने प्रापर्टी डीलर हरिकांत पर बेटी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। उसने बताया कि बेटी को आए दिन प्रताड़ित किया जाता था। कई बार पिंकी ने पिटाई के दौरान चोटिल होने के फोटो व्हाट्सएप पर भेजे थे। जब उन्होंने शिकायत करने की बात कही तो बेटी ने मना कर दिया था। कहा था कि सब ठीक हो जाएगा।
रुपये वापस करने का दबाव बना रही थी पिंकी
पिंकी की मां दुर्गेश पांडेय के मुताबिक, उसने डेढ़ सौ गज का प्लाट बेचकर दामाद को रुपये दिए थे। इसके बाद कई बार रुपये मांगे, पर उसने इनकार कर दिया। पिंकी भी रुपयों को वापस करने का दबाव बना रही थी। इसी के चलते हरिकांत उससे खिन्न रहने लगा था।
लूट की सूचना देेकर पुलिस को किया गुमराह, खुद फंस गया
हरिकांत ने हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद खुद को बचाने के लिए पुलिस को गुमराह करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन अपने बिछाए जाल में खुद ही फंस गया। पुलिस को प्रथम दृष्टया ही सच्चाई का पता लग गया था। उससे गहनता से पूछताछ करने पर उसने सारा राज उगल दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। रात दो बजे पूर्णागिरी से लौटने के बाद ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी राजेंद्र बहादुर सिंह को आशंका है कि पिंकी त्रिपाठी को नींद की गोलियां दे दी गईं।
इसके बाद उसकी हत्या कर दी। उसने सुबह घर में लूट व पत्नी की हत्या की सूचना पुलिस को दी। लूट व हत्या की खबर से पुलिस सक्रिय हो गई। हरिकांत ने पुलिस को पिछले दरवाजे से बदमाशों के आने की कहानी सुनाई। पुलिस जब अंदर गई तो पिंकी का शव पड़ा था। उसका मुंह कुचला हुआ था। शरीर पर सारे गहने पहने हुए थे। मकान के अंदर की कोई भी चीज टूटी नहीं थी। सारी चीजें अपने ठिकाने पर रखीं थीं। बस यहीं से पुलिस को घटनाक्रम का सिरा मिल गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह अपने ही बयानों में घिरता चला गया।
हरिकांत के बड़े बेटे की हो चुकी शादी
माना जा रहा है कि हरिकांत और पिंकी के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। हरिकांत के बेटे राहुल (30) की शादी हो चुकी है। दूसरा 26 वर्षीय बेटा अविवाहित है। पुलिस के मुताबिक 55 वर्षीय हरिकांत अपनी सारी संपत्ति अपने दोनों बेटों के नाम करना चाहता था। जबकि पिंकी बच्चे को जन्म देकर उसे भी हिस्सेदारी दिलाना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद होता था। आशंका है कि आए दिन होने वाले विवाद के चलते हरिकांत उसे साजिश के तहत गांव लेकर आया और मौत के घाट उतार दिया।
शाहजहांपुर के पोस्टमार्टम हाउस पर शोकाकुल बैठी मृतका पिंकी त्रिपाठी के परिवार की महिलाएं । संवा- फोटो : SHAHJAHANPUR
मृतका पिंकी त्रिपाठी की रोती बिलखती मां । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR