गांव में शव पहुंचने से मचा कोहराम
गुन्नौर(सोनीपत) में सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए पाचों लोगों के शव बुधवार को गांव पिलुआ में पहुंचने पर कोहराम मच गया। एक ही परिवार में हुई पांच मौत से गांव में मातम पसर गया है। ग्रामीणों ने नम आंखों से पांचों शव को अंतिम यात्रा विदाई दी।
बात दें कि गांव पिलुआ निवासी 50 वर्षीय मकरंद की बीते सोमवार की रात हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। मृतक के चार भाई सतपाल, प्रेम सिंह, श्याम लाल और रणजीत सिंह मोहाली में रहते थे। भाई की मौत की सूचना पर चारों भाई अपने परिवार के साथ लोडर में सवार होकर गांव के लिए निकले थे। मंगलवार दोपहर गुन्नौर में अज्ञात वाहन की चपेट में आकर लोडर पलट गया था। जिसमें 28 वर्षीय प्रेम सिंह पुत्र राममूर्ति सिंह, 23 वर्षीय माया पत्नी श्याम लाल, 28 वर्षीय मीना पत्नी सतपाल, तीन माह का रितिक पुत्र सतपाल और सतमाल के मामा श्याम सिंह की मौत हो गई थी। हादसे की खबर सुनकर मंगलवार को ही मकरंद के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पूरा गांव शोक में डूब गया था। गांव के अधिकांश घरों चूल्हे नहीं चले थे। बुधवार की तड़के गांव में पांचों शव पहुंच गए। मृतकों के दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। दोपहर में पांचों शवों का अंतिम संस्कार दिया गया।
शवों को देखकर बिलख पड़े लोग
मृतक श्याम सिंह की पत्नी अनीता देवी पति का शव देखकर बेसुध हो गईं। श्याम सिंह के 15 वर्षीय बेटा अर्जुन, 12 वर्षीय प्रदुम, आठ वर्षीय प्रीति हैं। वहीं मृतका मीना देवी का तीन वर्ष का बेटा सनी, दो की बेटी कामनी मां और तीन महीने के भाई का शव देखकर बिलख-बिलख कर रो रहे थे। वहीं प्रेम सिहं की पत्नी शकुंतला देवी अपने पुत्र सात वर्षीय सुरजीत, छह वर्षीय मनजीत, तीन वर्षीय आरती को सीने से चिपकार रोते हुए कह रही है कि अब मेरे बच्चे को कौन पालेगा।