पुवायां क्षेत्र में आग से दो सौ बीघा गेहूं जलकर राख
कई दिन से जारी आग का कहर बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को खेतों में आग लग जाने से दो सौ बीघा से अधिक गेहूं और सैकड़ों एकड़ नरई जलकर राख हो गई। आग लग जाने से किसानों की खून पसीने की कमाई जल जाने से किसान बेहद परेशान हैं। पीड़ितों ने तहसील प्रशासन से मदद की गुहार की है।
बुधवार दोपहर पुवायां के गांव नाहिल में नरई के खेत से आग लग जाने से तेज हवाओं के चलते आग ने थोड़ी ही देर में रौद्र रूप धारण कर लिया। जानकारी होने पर तमाम किसान दौड़कर मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ ही आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। आग की भयावहता देख जिला मुख्यालय से भी फाय ब्रिगेड की गाड़ी को बुला लिया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान आग से गोपालचंद्र शुक्ला के 12 बीघा, रमेश, सुधीर, सुबोध और राहुल शुक्ला की 19 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस दौरान सौ बीघा से अधिक नरई भी जल गई।
शाहजहांपुर के सीमावर्ती पीलीभीत के गांव गुलड़िया भूपसिंह के तमाम किसानों के खेत बंडा ब्लाक के गांव पोहकरपुर आदि में है। यहां भी खेतों में आग लग जाने से ईश्वर दयाल का 18 बीघा, गिरधारीलाल का 18 बीघा, दीपचंद्र का 12 बीघा, जगदीश का 12 बीघा, नन्हें का 12 बीघा और फकीरे का 18 बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। इसके अलावा पीलीभीत की सीमा में भी 50 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। किसानों ने एसडीएम से जली फसल का मुआयना कराए जाने और मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।