शाहजहांपुर। पुलिस प्रशासन भले लाख दावा करे कि घर से निकलने पर लड़कियों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उनकी है, लेकिन आए दिन होने वाली छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाएं जमीनी हकीकत बयां कर देती हैं।
पीलीभीत में छात्रा से दुष्कर्म का मामला हो या फिर तिलहर में युवती के साथ अपहरण कर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का, हर जगह कानून व्यवस्था की नाकामी साबित हुई है। छात्राओं का कहना है कि तमाम कानून बनने के बावजूद अपराधी के मन में पुलिस का डर नहीं है। यही वजह है कि लोग अपराध करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
देश में दुष्कर्म के बढ़ते मामलों का मुख्य कारण लोगों में कानून का डर खत्म होना है। यह बात तो सभी जानते हैं कि गलत करने पर पकड़े जाने के बाद सजा होगी। इसके बावजूद अपराध हो रहे हैं। इसका मतलब है कि लोग कानून से नहीं डर रहे।
नजमी, बिजलीपुरा
छात्राओं को जागरूक रहने की जरूरत है। लड़कियों को अपने अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए। महिला हेल्पलाइन या पुलिस के स्थानीय नंबर उनके फोन पर होने चाहिए, ताकि मुसीबत पर काम आएं। कॉलेज के आसपास पुलिस अराजकतत्वों पर पुलिस कार्रवाई करे।
श्रेया मिश्रा, केरूगंज
घर से बाहर निकलते वक्त लड़कियां सावधानी बरतें। कोई खतरा भांपने पर पुलिस का सहयोग लेने से न हिचकिचाएं। हालांकि पुलिस को भी अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि उनमें कानून का खौफ बने।
अनुज्ञा मिश्रा, चौकसी
स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं को अपने परिजनों से सब कुछ शेयर जरूर करना चाहिए। खासतौर पर स्कूल-कॉलेज के माहौल के बारे में। पुलिस को शोहदों को कड़ा सबक सिखाना चाहिए, ताकि उनकी हिम्मत न पड़े किसी लड़की की ओर नजर उठाकर देखने की।
गौरी वर्मा, चौक
अनुज्ञा मिश्रा।- फोटो : SHAHJAHANPUR
नजमी- फोटो : SHAHJAHANPUR
गौरी वर्मा- फोटो : SHAHJAHANPUR