अपनों की मदद करने पहुंचे लोग
गांव के कई लोग दिल्ली, मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहरों में नौकरी करते हैं। पूर्व प्रधान अली हसन के भतीजे भी मेरठ में डॉक्टर हैं। हादसे की सूचना के बाद वह तुरंत हापुड़ पहुंच गए। अली हसन बताते हैं कि भतीजा भी किसी को पहचान नहीं पा रहा है। अधिकतर मजदूर बुरी तरह से जल गए हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा
हादसे की खबर गांव में शोक छा गया। हादसे के बाद हर किसी का मन आशंकित हैं। गांव के लोग हादसे के बाद काफी ज्यादा परेशान हैं। जो युवक फैक्टरी में काम करते थे, अनहोनी के डर से उनके घर में चूल्हे तक नहीं जले हैं।
परिजन की बात नहीं मानीं और हापुड़ चला गया था सर्वेश
भंडेरी गांव में सर्वेश कश्यप के घर के दरवाजे पर उसकी बहनें रो रही थीं। वह भाई को लेकर आशंकित थी। सर्वेश भी फैक्टरी में काम करने गया था। हादसे के बाद उसका भी कोई सुराग नहीं लग रहा। पप्पू कश्यप का 18 वर्षीय इकलौता बेटा सर्वेश दस दिन पहले ही हापुड़ गया था। इससे पहले वह गांव में मजदूरी करने गया था। परिजन के मुताबिक, सर्वेश को पूरे परिवार ने हापुड़ जाने से रोका था, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। शनिवार को हादसे की खबर के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।