तिलहर में दवाई वितरण काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़
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तिलहर। भीषण गर्मी बुखार और डायरिया की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को तिलहर सीएचसी में 545 मरीजों के पर्चे बनाए गए। वहीं सीएचसी में 24 घंटे डॉक्टर न मौजूद रहने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि डॉक्टर सरकारी आवास में नहीं रहते।
तिलहर में 30 बेड की सीएचसी बनी हुई है। सैकड़ों मरीज रोजाना इलाज के लिए आते हैं। इन दिनों डायरिया और बुखार के रोगी काफी संख्या में आ रहे हैं। यहां पर चिकित्सा अधीक्षक समेत सात डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन मरीज को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकतर डॉक्टरों की छुट्टी पर होने या सीएचसी में न होने से लोगों को इलाज प्राप्त होने में दिक्कत आती है। बताते हैं कि यहां के डॉक्टर सरकारी आवासों में न रहकर शाहजहांपुर या बरेली से आते-जाते हैं। दिन के समय तो कुछ डॉक्टर मिलते हैं लेकिन शाम होते ही डॉक्टर का ढूंढ़ना मरीजों के लिए मुश्किल साबित होता है। महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी सिंह दो महीने से छुट्टी पर हैं। डॉ. किरन अकेले महिला मरीजों को देख रही हैं।
कुछ डॉक्टर दूरदराज से ड्यूटी पर आ रहे हैं। उनका सीएचसी में रहना सुनिश्चित कराया जाएगा। डॉक्टरों को पत्र जारी किए जाएंगे। -डॉ. करन सिंह, चिकित्साधीक्षक सीएचसी तिलहर।
बुखार और डायरिया के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं। बच्चों में डायरिया ज्यादा फैल रहा है। लोगों को घर के बच्चों और बुजुर्ग सदस्यों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। आसपास साफ-सफाई का ख्याल रखें। धूप में अधिक न निकलें। अधिक से अधिक पानी पीयें। -डॉ. अजय प्रताप सिंह, तिलहर सीएचसी