शाहजहांपुर। जिले में वायरल बुखार और डेंगू-मलेरिया ने पैर पसारने शुरू कर दिए है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इलाज कराने के लिए मरीज को मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर के बाहर जमीन पर लिटाना पड़ रहा है।
मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर के बाहर एक महिला मरीज जमीन पर लेटी मिली। तीमारदारों ने बताया कि महिला मरीज के शरीर में दर्द और पीलिया आदि की समस्या है। इलाज के लिए सोमवार को परिजन उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। पूरी रात ट्रॉमा सेंटर के बाहर गुजार दी, लेकिन उसे बेड तक नहीं मिला। ट्रॉमा सेंटर में भी मरीजों की संख्या इतनी थी कि वहां पैर रखने की जगह नहीं है। अधिकतर बुखार के मरीज थे।
ट्रॉमा सेंटर पहुंचे राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डा. राजेश कुमार और सीएसएम डॉ. यूपी सिन्हा से सवाल किए जाने पर उन्होंने मरीजों के इलाज के लिए बेड का इंतजार किए जाने की बात कही ट्रॉमा सेंटर के बाहर लेटी महिला मरीज को उठाकर स्ट्रेचर पर लिटाया गया। मेडिकल कॉलेज के अंदर भी मरीजों को इलाज आदि मिलने में समस्या आ रही थी।
ओपीडी में सभी डॉक्टरों के कक्ष के बाहर भीड़ लगी हुई थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि मंगलवार को दोपहर साढ़े 12 बजे तक 92 बच्चों को देख चुके थे। रोजाना लगभग इतने ही मरीज आ रहे हैं। इनमें बुखार, निमोनिया, खांसी आदि की समस्या से पीड़ित हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में ही टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। जिसमें मंगलवार को टीका लगवाने वालों की भीड़ उमड़ी।
मेडिकल कॉलेज में दीवारों पर पान-मसाले की पीक
- राजकीय मेडिकल कालेज में लोग इलाज कराने आते हैं, लेकिन यहां बीमारी भी बांटी जा रही है। मेडिकल कॉलेज में दीवारों पर पान-मसाला की पीक नजर आती है। इसके साथ ही कई जगह पानी बहता दिखा।
हम अपने भाई दीपू का इलाज कराने आए हैं। भाई के पेट में पानी होने की वजह से सूजन आ गई है। जिसको एक सप्ताह पहले इलाज के लिए भर्ती कराया गया। डॉक्टर सिर्फ दवा दे जाते हैं, कोई फायदा होते नहीं दिख रहा। - प्रदीप कुमार, तीमारदार
मेरी बेटी पूजा को बुखार और पेट में दर्द की समस्या है। जिसका इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया है। डॉक्टर देखने आए थे और दवाई आदि भी उपलब्ध करायी जा रही है। फायदा भी होने लगा है। - नीरज, तीमारदार
हमारी पोती के पति की तबीयत ठीक नहीं है। उनका इलाज करवा रहे हैं। दस दिन पहले बुखार गया था। दवाई आदि चल रही है। डॉक्टर देखने के आते हैँ। अब हमारा मरीज ठीक होने लगा है। - लज्जावती, तीमारदार
चक्कर, उल्टी, बुखार आदि की समस्या हो गई है। इलाज कराने के लिए आए हैं, यहां ग्लूकोज की बोतल लगा दी गई है। बड़ी मुश्किल से स्ट्रेचर मिली थी। जिस पर लेटकर ग्लूकोज की बोतल चढ़वा रहे हैं। - धनदेवी, मरीज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में आने वाले सभी मरीजों का ख्याल रखा जाता है। यहां पर सभी तैयारियां मुकम्मल हैं। सामान्य बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज