डॉ. अनिल राज।
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शाहजहांपुर। मरीजों के आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न के आरोपी डॉ. अनिल राज के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही के लिए एडी हेल्थ, बरेली जांच करेंगे। प्रशासन की ओर से डॉ. अनिल राज के खिलाफ भेजी गई रिपोर्ट के बाद शासन से निर्देश दिए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉ. अनिल राज और उसके बेटे अभिषेक राज पर रिश्तेदार के मेडिकल स्टोर से गरीब मरीजों को महंगी दवाएं खरीदने के लिए बाध्य करने के आरोप लगे थे।
11 और 12 मई को दो लोगों ने चौक कोतवाली में अलग-अलग दो रिपोर्ट दर्ज कराईं थीं। पुलिस ने सबसे पहले मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 31 मई को सीतापुर से डॉ. अनिल राज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में डॉ. अनिल राज जमानत पर बाहर आ गए थे। मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अभय सिन्हा ने डॉ. अनिल राज पर लगे आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट डीएम इंद्रविक्रम सिंह ने शासन को भेज दी थी।
26 अगस्त को राज्यपाल की आज्ञा से सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में नियुक्त डॉ. अनिल राज के खिलाफ अनाधिकृत रूप से मेडिकल स्टोर से मरीजों को निर्धारित से कई गुना मूल्य पर दवाएं खरीदने के लिए बाध्य करने और निवास स्थान एवं सार्वजनिक स्थानों पर प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने संबंधी कदाचरण व अनियमितता के दृष्टिगत उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के अंतर्गत विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की जाती है। आरोपों की जांच के लिए अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, बरेली मंडल को जांच अधिकारी नामित किय गया है। डॉक्टर के खिलाफ जांच एक महीने में पूरी कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।