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वाइल्ड लाइफ, दुधवा नेशनल पार्क से एक्सपर्ट की टीम पहुंची

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एक सप्ताह से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी वन विभाग और एक्सपर्ट की टीम कैंट एरिया जंगल में घूम रहे तेंदुआ को पकड़ने में नाकाम रही हैं। इस बीच अब कैंट एरिया जंगल में दो स्थानों पर पिंजरे रखकर तेंदुआ के शिकार के लिए बकरें बांधे गए हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से एक्सपर्ट की एक और टीम यहां पहुंच गई है। वाइड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया और दुधवा नेशनल पार्क के एक्सपर्ट की टीम ने भी बृहस्पतिवार को जंगल का जायजा लिया।
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कैंट एरिया जंगल में तेंदुआ चार जुलाई को पहली बार देखा गया था। इस दौरान कई बार तेंदुआ वन विभाग और सेना के ट्रैकिंग कैमरों में कैद हुआ। अब तक जंगल से बाहर बाहर तेंदुआ कई स्थानों पर बछड़ों और कुत्तों का शिकार भी कर चुका है। केंद्रीय विद्यालय के आसपास भी तेंदुआ को ट्रैक किया जा चका है। करीब एक सप्ताह से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एक्सपर्ट की टीम तेंदुआ को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा रखकर बकरा बांध रही है। इसके बावजूद तेंदुआ पकड़ में नहीं आ रहा। अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व से एक और पिंजरा मंगाया गया है। बृहस्पतिवार को जंगल में उन दो स्थानों पर पिंजरा रखकर बकरा बांधा गया है जहां पर तेंदुआ की गतिविधियां सबसे ज्यादा देखी गई हैं। इधर, बृहस्पतिवार को तेंदुआ किसी रिहायशी इलाके में नहीं देखा गया। मंगलवार रात तेंदुआ ने नियामतपुर गांव के पास बछड़े को निवाला बनाने के साथ कैंट एरिया में सुअर का भी शिकार किया था।
तेंदुआ पकड़ने में देरी से बढ़ती जा रही दहशत
शाहजहांपुर। कैंट एरिया जगल और आसपास के रिहायशी इलाकों में तेंदुआ की मौजूदगी को एक सप्ताह से ज्यादा वक्त हो गया है। एक्सपर्ट की टीम भी तेंदुआ को पकड़ने में नाकाम रही है। इस बीच, इलाके में दहशत बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा परेशान केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावक चिंतित हैं। छावनी परिषद को भी तेंदुआ को लेकर बुधवार को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। एडवाइजरी जारी होने के बाद लोग एहतियात से काम ले रहे हैं। वन विभाग का दावा है कि तेंदुआ की तलाश में टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं।
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तेंदुआ को पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई हैं। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया और दुधवा नेशनल पार्क के एक्सपर्ट की टीमों ने भी जंगल का जायजा लिया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से एक और टीम को बुलाया गया है। जंगल में अब दो स्थानों पर पिंजरा रखकर बकरें बांधे जा रहे हैं।
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- आदर्श कुमार, डीएफओ
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