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ब्लैक लिस्टेड होंगे गन्ना माफिया, सदस्यता समाप्ति के नोटिस जारी

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अगले पेराई सत्र 2019-20 के लिए सर्वे करने में जुटे गन्ना विकास विभाग केे पर्यवेक्षकों से मारपीट की बढ़ती घटनाओं को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर गन्ना विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों ने विभागीय स्टाफ पर हमलावर होकर हैंड हेल्ड मशीन में तोड़फोड़ और अभिलेख फाड़ने जैसी घटनाओं में लिप्त लोगों को सहकारी गन्ना समितियों की सदस्यता से निलंबित करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम के अनुसार ऐसे मामलों में नामजद लोगों को ब्लैक लिस्टेड कर उनसे गन्ना नहीं लिया जाएगा।
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गत एक जुलाई को भावलखेड़ा ब्लॉक के भटपुरा रसूलपुर गांव में गन्ना सर्वे के दौरान इसी गांव के अनुज कुमार गुप्ता, वेद प्रकाश गुप्ता और अन्य कई किसानों ने बटाई एवं पटके पर लिए गए खेत में बोई गन्ना की फसल सुपरवाइजर रामरक्षा तिवारी से सर्वे रजिस्टर में अपने नाम दर्ज करने को कहा। सुपरवाइजर तिवारी ने शासन की सर्वे नीति का हवाला देते हुए ऐसा करने से मना कर दिया। उनका कहना था कि गन्ना खेत उसी किसान के नाम दर्ज होगा, जिसके नाम राजस्व अभिलेख में भूमि दर्ज है। इसी बात को लेकर अनुज गुप्ता आदि ने सर्वे कार्य बाधित कर सुपरवाइजर से अभद्रता कर सरकारी कार्य में बाधा डाल दी।
इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई, पर्यवेक्षक की शिकायत के आधार पर रोजा सहकारी गन्ना समिति के सचिव मानवेंद्र त्रिपाठी ने आरोपी अनुज गुप्ता आदि को कानूनी कार्रवाई के नोटिस जारी किए और भविष्य में धमकाने पर एफआईआर कराने की चेतावनी दी। चूंकि, इससे पहले गत माह मदनापुर क्षेत्र मेें कुछ लोगों द्वारा गन्ना पर्यवेक्षक से दबंगई दिखाकर मारपीट किए जाने और रजिस्टर फाड़ देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए भटपुरा रसूलपुर जैसी घटना दो दिन पहले पुवायां मिल क्षेत्र के करनापुर सर्किल में गन्ना पर्यवेक्षक के साथ हो गई।
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इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने पर भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बीते दिन सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव चंदगोई में गन्ना पर्यवेक्षक शिव कुमार से गांव के राजीव कुमार पुत्र छेदालाल ने मारपीट की। यही नहीं, आरोपी ने सर्वे रजिस्टर फाड़ दिया और करीब एक लाख रुपये की जीपीएस सिस्टम से लैस हैंड हेल्ड मशीन भी तोड़ डाली। डीसीओ के अनुसार आरोपी राजीव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, लेकिन पुलिस ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि स्टाफ के साथ मारपीट और अभद्रता के मामलों में आरोपियों को सदस्यता समाप्ति के नोटिस दिए जाने के साथ पुलिस की निष्क्रियता से प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
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