शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद आयुष्मान कार्ड बनवाने के लक्ष्य के करीब पहुंचना मुश्किल हो रहा है। अभी तक हर पीएचसी-सीएचसी पर आयुष्मान मित्र रखे गए थे। उसके बाद भी कार्ड बनाने की रफ्तार तेज नहीं हो सकी। इस कार्य के लिए अब शासन ने एक कंपनी को जिम्मेदारी दी है। साथ ही जिला स्तर पर आशा कार्यकर्ता और संगिनी को लाभ दिया जाएगा।
जिले में 11 लाख, 62 हजार, 345 गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी दस जून तक दो लाख पांच हजार 916 कार्ड ही बन सके। इस तरह मात्र 25 प्रतिशत कार्य ही निपट सका। आयुष्मान कार्ड की रफ्तार बढ़ाने के लिए शासन ने कंपनी को लगाने का निर्णय लिया है। वहीं दूसरी तरफ जिले में आशा कार्यकर्ताओं को अब आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाएगा।
जिले में 109 शहरी और 2717 ग्रामीण आशा और 119 संगिनी कार्यकर्ताओं को लाभ दिया जाएगा। सीएमओ डॉ.एसपी गौतम ने बताया कि जिले की शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की सभी आशाओं व संगिनी को आयुष्मान भारत के अंतर्गत लाभ प्रदान किया जाना है। इसके लिए मिशन निदेशक ने पत्र भेजकर दिशा निर्देश जारी किए हैं।
इन बीमारियों का होता है इलाज
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मातृ स्वास्थ्य और सी सेक्शन या उच्च जोखिम प्रसव पर लाभ मिलता है। नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, कैंसर, टीवी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरेपी, हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, आंखों की सर्जरी, दिल की बीमारी, किडनी, लीवर, कोरोनरी बायपास, घुटना प्रत्यारोपण, स्टंट डालना, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारियों का नि:शुल्क इलाज प्रमुख तौर पर शामिल है।