शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव में लिए मतगणना के दौरान के छोटे दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों की स्थिति बहुत खराब रही। अधिकांश को नोटा (नन ऑफ द एबव) से भी हार का सामना करना पड़ा। निर्दलीय और छोटे दलों के प्रत्याशियों से ज्यादा वोट तो नोटा को पड़े हैं। छहों विधानसभा सीटों पर 6364 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाकर किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में वोट नहीं किया। ऐसे मतदाताओं में पुवायां टॉप पर रहा, जबकि तिलहर में सबसे कम नोटा का प्रयोग हुआ। जलालाबाद विधानसभा में 1257, शाहजहांपुर में 961, तिलहर में 771, ददरौल में 992, कटरा में 1089, पुवायां में 1366 वोट नोटा को मिले हैं। जबकि अन्य छोटे दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों को इतने वोट भी नहीं मिल सके।
जलालाबाद में कांग्रेस प्रत्याशी को नोटा ने हराया
जलालाबाद में कुल 216188 वोट पड़े, इनमें से 1257 वोट नोटा के पक्ष में डाले गए। यहां पर नोटा कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी से भी मजबूत स्थिति में रहा। कांग्रेस प्रत्याशी को 1256 वोट ही मिल सके। कुल चार प्रत्याशियों को नोटा से हार का सामना करना पड़ा। यहां आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी को 1299 मत प्राप्त हुए।
सबसे ज्यादा पुवायां में दबाया गया नोटा
नोटा का बटन सबसे ज्यादा पुवायां विधानसभा के मतदाताओं ने दबाया। यहां पर 1366 वोट नोटा के पक्ष में पड़े। सात प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले, जबकि चार प्रत्याशी आगे रहे। पुवायां विधानसभा से कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। शाहजहांपुर में 11 प्रत्याशियों को नोटा से कम और चार को अधिक वोट मिले। कटरा में छह पीछे और पांच आगे, ददरौल में आठ नीचे तथा छह ऊपर रहे। तिलहर में सात प्रत्याशी नोटा से नीचे तथा दो आगे रहे।