पुवायां। सपा मुखिया अखिलेश यादव की सभा में शामिल होने की कहकर निकले ग्रामीण का शव दूसरे दिन बृहस्पतिवार को गांव बनिगवां में मिला था। इस मामले मेें एक दलाल के हस्तक्षेप करने, पीड़ितों के साथ गए वकील से कोतवाली प्रभारी द्वारा अभद्रता करने और पुलिस पर आरोपियों की मदद करने के आरोप लगाकर मृतक के परिजन ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि आरोपी की गिरफ्तार न होने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। देर रात तक गांव में सीओ, कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ डटे हुए हैं। गांव में तनाव की स्थिति है।
गांव मुड़िया कुर्मियात निवासी करन सिंह छह अक्तूबर को बंडा के नानकपुरी में सपा अध्यक्षा अखिलेश यादव के कार्यक्रम में शामिल होने की कह कर घर से गए थे। सात अक्तूबर को करन सिंह का शव गांव बनिगवां में जिंद बाबा मढ़ियानाथ स्थान के पास पड़ा मिला था। करन सिंह के पुत्र सचिन कुमार ने पुलिस को बताया था कि उनके पिता की गांव के ही प्रधान मुकेश कुमार, उसके भाई मुकेश कुमार, शिवओम, विजय रमन, वर्मा जी से रंजिश चल रही है।
दस दिन पूर्व आरोपियों और उनके पिता में घूरा डालने को लेकर विवाद हो गया था। आरोपियों ने पिता को जान से मार देने की धमकी दी थी। आरोपियों ने उनके पिता का रास्ते से अपहरण कर लिया और हत्या कर दी। पुलिस ने बलवा, अपहरण, हत्या, सबूत मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। करन सिंह के परिजन का आरोप है कि बृहस्पतिवार रात वे लोग रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे तो एक दलाल थाने पहुंचकर आरोपियों की पैरवी में जुट गया। इस पर परिजन ने दलाल को थाने से भगाने और रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। सीओ बीएस वीरकुमार ने उन्हें समझाकर शांत किया था।
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। हंगामे की आशंका के चलते बंडा, सिंधौली, पुवायां, शाहजहांपुर कोतवाली की पुलिस और पीएसी भी गांव बुला ली गई। परिवार के लोगों ने बताया कि कटरा के पूर्व विधायक मौके पर आ रहे हैं। उनसे वार्ता की जाएगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सीओ ने बताया कि एक आरोपी पकड़ लिया है, लेकिन परिवार के लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया।
थाने में डटा रहता है दलाल
करन सिंह के परिजन व ममेरे भाई सिविल बार एसोसिएसन के अधिवक्ता अनिल यादव ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं। बताया कि रात में थाने में जो व्यक्ति गया था, वह न सांसद है, न विधायक, वह दलाल है और हर समय थाने में मौजूद रहता है। पुलिस का दलाल को पूरा समर्थन रहता है। दलाल ने पहले विवाद में आरोपियों के पक्ष में धाराएं कम करा दी थीं। पोस्टमार्टम के बाद अनिल यादव ने शाहजहांपुर कचहरी के पास रिश्तेदारों को शव दिखाने के लिए एंबुलेंस रुकवाने का प्रयास किया तो कोतवाली के प्रभारी ने उनसे अभद्रता की और एंबुलेंस में बैठे सिपाही ने एंबुलेंस चालक को थप्पड़ मारते हुए एंबुलेंस भगाकर गांव ले आए।
पहले भी दर्ज हो चुकी है दोनों पक्षों पर रिपोर्ट
गांव मुड़िया कुर्मियात में करन सिंह और विजय रमन के बीच 20 मई 2020 को विवाद हो गया था। मामले में विजय रमन की ओर से करन सिंह, जय सिंह, प्रदीप पटेल, सचिन के खिलाफ और करन सिंह की पत्नी सुमन देवी की ओर से मुकेश, उमेश, राजेश, शिवम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
छह अक्तूबर को पांच बजे तक जीवित थे करन सिंह
करन सिंह का शव सात अक्तूबर को बनिगवां में मिला था। छह अक्तूबर को करन सिंह दो से तीन बजे के बीच गांव के ही कल्लू यादव को गांव दलेलापुर में मिले थे। करन सिंह यादव ने उनको बताया था कि वह अखिलेश यादव के कार्यक्रम में गए थे। शाम पांच बजे के आसपास करन सिंह गांव जलालपुर में रामेश्वरदयाल को पैदल जाते मिले थे।
युवक का शव मिलने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले में नामजद आरोपियों के बारे में जानकारी की जा रही है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
एस. आनंद, एसपी शाहजहांपुर