अल्हागंज में चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा करते लोग। संवाद
अल्हागंज। लोकसभा चुनाव के मतदान की तारीख नजदीक है। जहां चार लोग एकत्र हुए, चर्चा का केंद्र चुनाव ही होता है। कुछ लोग जहां अपनी पार्टी और अपने प्रत्याशी के पक्ष में तर्क गढ़ते हैं तो कुछ लोग मुद्दों पर वोट देने की बात कहते हैं।
बाजार में स्थित रामकिशोर की चाय की दुकान पर शुक्रवार शाम व्यापारियों और आसपास के लोगों का जमावड़ा लगा था। चाय की चुस्कियों के बीच चुनावी माहौल गर्मा गया। व्यापारी अंशू गुप्ता ने कहा कि ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था न होने से व्यापार कमजोर पड़ रहा है। मैलानी-फर्रुखाबाद के मुद्दे को याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व में जनप्रतिनिधि रेलवे लाइन के लिए प्रयास करने का दावा करते रहे, लेकिन हुआ कुछ नहीं। हिमांशु गुप्ता और शोभित कुशवाहा ने सहमति जताते हुए कहा कि प्रत्याशी तो कोई वोट मांगने ही नहीं आया, मुद्दे की बात कही किससे जाए?
हिमांशु गुप्ता ने कहा कि नगर पंचायत होते हुए भी खेल का कोई मैदान नहीं है। बच्चे खाली पड़े बस स्टैंड या खेतों में खेलते हैं। एकमात्र सरकारी कॉलेज में इतने वर्षों से विज्ञान वर्ग भी नहीं है। बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए बाहर भेजना पड़ता है।
निबऊ नगला निवासी किसान नन्हें मिश्रा ने कहा कि रातभर खेतों में छुट्टा पशुओं से रखवाली करनी पड़ती है। जानवर इतना नुकसान करते हैं कि फसल की लागत निकालनी भी मुश्किल हो जाती है। सहमत होते हुए शुभम वर्मा कहते हैं कि छुट्टा जानवरों से आए दिन हादसों में लोगों की जान जा रही है। सरकार इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही।
अभिषेक यादव रोजगार के मुद्दे पर सरकार से संतुष्ट नहीं दिखे। कहा कि आए दिन पेपर लीक हो रहे हैं। हल्लू गुप्ता ने कहा कि अन्य सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार बहुत अच्छी है। उनका वोट राष्ट्रहित में जाएगा, स्थानीय मुद्दों पर नहीं। इस पर आशीष गुप्ता ने कहा कि हमें जनता की समस्या को समझने वाला सांसद चाहिए।