फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जर्जर स्थिति में 400 से अधिक प्राथमिक विद्यालय, खतरे में नौनिहाल

विज्ञापन
तिलहर में प्राथमिक विद्यालय कुंवरगंज का जर्जर भवन - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं। ऐसे विद्यालयों की संख्या जिले में 400 के करीब है। बड़ी बात यह है कि इन विद्यालयों में नौनिहालों को पढ़ाया जाता है। इससे उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। तमाम लोग अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उनका नाम कटवाना ज्यादा बेहतर महसूस कर रहे है।
विज्ञापन

तिलहर : दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट कर दिए बच्चे
तिलहर। नगर क्षेत्र में 16 प्राइमरी और तीन जूनियर हाईस्कूल हैं। टाउनहाल स्थित प्राथमिक विद्यालय कुंवरगंज भवन जर्जर होने के कारण टूटा पड़ा है। यहां के बच्चों को मौजमपुर द्वितीय विद्यालय में शिफ्ट कर दिया है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय बहादुरगंज भवन विहीन होने के कारण इसे प्राथमिक विद्यालय मौजमपुर में समायोजित कर दिया है। प्राथमिक विद्यालय हिंदू पट्टी प्रथम, हिंदू पट्टी द्वितीय, प्राथमिक नवीन विद्यालय हिंदू पट्टी और प्राथमिक विद्यालय चौहटियां को पुख्ता कटरा में समायोजित करके चलाया जा रहा है। संवाद
जलालाबाद : पांच विद्यालयों को नए भवन का इंतजार
जलालाबाद। बीईओ सुनील कुमार सिंह के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र की विभिन्न 13 प्राथमिक स्कूलों के जर्जर भवनों को हटाकर उनके स्थान पर नई बिल्डिंग बनाने की डिमांड भेजी गई थी। इनमें से आठ विद्यालयों के नए भवन बन गए हैं। कटियूली, रावतपुर, इस्लामगंज, नौगवां मानगढ़ व दियुरनिया गांव के प्राथमिक स्कूलों की बिल्डिंग अभी नहीं बन सकी है। निर्माण के लिए प्रक्रिया गतिमान है। नाप आदि की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। ज्यादातर स्कूलों के बच्चे परिसर में ही बने अतिरिक्त कक्षाओं में पढ़ते हैं। संवाद
विज्ञापन

जैतीपुर: प्रावि विनौरा विनौरिया की छत से टपकता है पानी
जैतीपुर। प्राथमिक विद्यालय विनौरा विनौरिया सालों से जर्जर है। यहां 126 बच्चे पढ़ने आते हैं। छत से प्लास्टर छूट चुका है। लिंटर में पड़ी सरिया दिखाई देती हैं। दीवारों से सीमेंट अलग होने लगा है। कई जगह दीवारें चटक गई है। बारिश में छत से पानी टपकता है। ग्राम प्रधान ऋषि पाल कश्यप ने बताते है कि कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। यहां हादसे का डर लगा रहता है। प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार ने बताया कि विद्यालय भवन जर्जर हो चुका है। बारिश में बच्चों को पढ़ाना मुश्किल होता है। संवाद
2700 स्कूल जिले में बेसिक शिक्षा के हैं।
400 स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं।
3.92 लाख बच्चे बेसिक स्कूलों में पंजीकृत हैं।
उन विद्यालयों को चिह्नित किया गया है, जिनके भवन जर्जर हालत में है। कुछ जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण भी होना है। कार्यदायी संस्था से संपर्क कर कार्य को प्रगति देने के निर्देश दिए जाएंगे। - सुरेंद्र सिंह, बीएसए

जलालाबाद के गांव दियुरनिया स्थित प्राथमिक विद्यालय का जर्जर भवन- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें