यमराज बनकर सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशु
प्रशासन के तमाम दावों के बीच छुट्टा पशु यमराज बनकर सड़कों पर घूम रहे हैं। वहीं, सांड़ खेतों में व राह चलते लोगों पर हमलावर हो रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 4000 से अधिक पशु जिले में छुट्टा घूम रहे हैं।
वर्तमान में ये है स्थिति
- 123 गोआश्रय स्थलों में संरक्षित पशु- 15,179
- सहभागिता योजना में सुपुर्द किए गए पशु- 9049
- कुल संरक्षित पशुओं की संख्या- 24,228
- 10 वृहद गोसंरक्षण केंद्र निर्माणाधीन
- 3 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों को मिली स्वीकृति
- मनरेगा से मिले 75 गोआश्रय स्थलों में 65 का निर्माण पूरा
- 22 कैटल कैचर पशु पकड़ने के लिए उपलब्ध
सीवीओ डॉ. राजेंद्र गंगवार ने बताया कि जल्द ही 10 वृहद गोशालाओं को निर्माण पूरा हो जाएगा। छुट्टा पशुओं को गोशालाओं में पहुंचाया जाएगा।
नीलगाय की चपेट में आकर डॉक्टर घायल
देवकली में पूरनपुर मार्ग पर स्थित एक नर्सिंग होम में कार्यरत गांव सैदापुर निवासी डॉ. अखिलेश सोमवार को दोपहर गहलुईया गांव में एक मरीज को देखने के बाद बाइक से लौट रह थे। लुहिचा गांव के मोड़ के पास अचानक सामने आई नीलगाय से टकराकर वे घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने उन्हें एंबुलेंस से बंडा सीएचसी पर भेजा, लेकिन वहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।