शाहजहांपुर। रमजान-उल-मुबारक के आखिरी जुमे (अलविदा) की नमाज में लोग उमड़ पड़े। जामा मस्जिद समेत जनपद की सभी मस्जिदों में नमाज अदा की गई। सभी से ईद की नमाज से पहले सदका-ए-फित्र देने पर जोर दिया। पुलिस प्रशासन के सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
बरकतों और रहमतों वाले महीने रमजान विदा होने के करीब पहुंच गया। शुक्रवार को 27 रोजे मुकम्मल हो गए। चांद का दीदार होने पर सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। ईद से पहले रमजान के अंतिम जुमे को अलविदा की नमाज अदा करने के लिए हजारों लोग पहुंचे। मोहल्लों की मस्जिदों में भीड़ रही। जामा मस्जिद में दोपहर 12 बजे से ही लोग अपने परंपरागत लिबास में पहुंचने लगे। दोपहर डेढ़ बजे शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने खुत्बा पढ़ा। उसके बाद दो रकआत नमाज फर्ज अदा कराई। इस बीच मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ की गई।
लाउडस्पीकर से नहीं, बल्कि पैगम्बर-ए-इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने से फैला इस्लाम
जामा मस्जिद में तकरीर करते हुए शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने मुस्लिमों से गफलत की नींद से बेदार होने पर जोर दिया। कहा कि इस्लामिक नियमों पर चलने से खोया वकार वापस होगा। शहर पेश इमाम ने कहा कि हुकूमत समझती है कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाकर इस्लाम को नीचा दिखा दिया। अजान, तकरीर नहीं होगी तो इस्लाम नहीं फैलेगा। मंजरी ने सचेत किया कि इस्लाम लाउडस्पीकर से नहीं, बल्कि पैगम्बर-ए-इस्लाम के बताए हुए रास्ते पर चलने से फैला है। बोले-हम अपने आप में दुरुस्त हो जाएं, जब सड़क पर चलें तो लगे कि गुलाम-ए-मुस्तफा जा रहा है तो इंकलाब आज भी आ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात से मुस्लिमों से न घबराने का आह्वान किया। कहा कि अपने अंदर इकलाख पैदा कर लें, गैरों के बताए रास्ते पर चलने के बजाय पैगम्बर-ए-इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है।
ईद की नमाज का समय
बड़ा खुत्बा : 7.30 बजे
छोटा खुत्बा : 8.00 बजे
जामा मस्जिद 8.00 बजे
गदियाना ईदगाह 7.45 बजे
नमाज से पहले दें सदका
शहर पेश इमाम ने ईद-उल-फित्र की नमाज से पहले सदका देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दो किलो 45 ग्राम गेहूं या इसके बराबर के रुपये सदका जरुर अदा करें। यह हर साहिबे-निसाब पर फर्ज है। इससे गरीबों और मिस्कीनों के घरों में ईद के त्योहार पर खुशियां आती हैं।
सड़क पर नहीं हुई नमाज, मस्जिदों के बाहर रही पुलिस
अलविदा की नमाज को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। मस्जिदों के बाहर पुलिस तैनात रही। कहीं पर भी सड़क पर नमाज अदा नहीं की गई। सीओ सिटी सरवणन टी. भ्रमण कर जायजा लिया। थाना प्रभारी भी पूरी तरह से अलर्ट रहे।
शाहजहांपुर के जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR