शाहजहांपुर। मुरादाबाद मंडल के रेलवे स्टेशनों से पहली बार तीन मालगाड़ी को एक साथ जोड़कर चलाया गया। इसको शेषनाग का नाम दिया गया है। 126 डिब्बों की मालगाड़ी रोजा रेलवे स्टेशन पर रुकने के बाद मुरादाबाद के लिए रवाना हुई।
अभी तक रेलवे की ओर की ओर से दो मालगाड़ी को एक में जोड़कर चलाया जाता था। जिसको ‘अजगर’कहा जाता था। अब रेलवे ने मुरादाबाद मंडल के रेलवे स्टेशनों से तीन मालगाड़ी को एक में जोड़कर चलाना शुरू किया है। इसको ‘शेषनाग’ का नाम दिया गया है। मालगाड़ी लखनऊ से सुबह 9 बजे चलकर दोपहर 12 बजे रोजा रेलवे स्टेशन पर पहुंची।
यहां से मालगाड़ी मुरादाबाद के लिए रवाना हुई। इतनी लंबी मालगाड़ी को देखकर लोग वीडियो बनाने से नहीं चुके। लोको निरीक्षक वीरेंद्र झा ने बताया कि तीन मालगाड़ी को एक में जोड़कर चलाने से रेलवे को समय की बचत और आय अधिक होती है। मुरादाबाद डिवीजन में यह पहली बार है, जब तीन मालगाड़ी को एक में जोड़कर चलाया गया।
लोको पायलट व गार्ड के साथ लगाई गई निरीक्षक की ड्यूटी
‘शेषनाग’ मालगाड़ी के पहले वाले इंजन पर डीके श्रीवास्तव, गार्ड राजीव शर्मा, दूसरे इंजन पर लोको पायलट सुनील कुमार, गार्ड डीएस मीना, तीसरे इंजन पर लोको पायलट अजय कुमार तथा गार्ड रिजवान हसन की ड्यूटी थी। उनके साथ में रोजा रेलवे स्टेशन से लोको निरीक्षक पीएन प्रजापति को अलग से ड्यूटी पर लगाया गया। जिनका कार्य इंजन की देखरेख करना था।