मृतक लेखपाल मोहित वशिष्ठ का फाइल फोटो
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तिलहर (शाहजहांपुर)। बिना बताए ड्यूटी पर न आने को लेकर एसडीएम ने लेखपाल को बर्खास्तगी की चेतावनी दी तो एक लेखपाल की अचानक मौत हो गई। एसडीएम ने लेखपाल की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए उसकी ड्यूटी की देयता का भुगतान और उसकी पत्नी को 15 दिनों में सर्विस दिलाने का आश्वासन दिया है।
मेरठ के गांव ढावका निवासी 32 वर्षीय मोहित वशिष्ठ 2016 में लेखपाल के पद पर नियुक्त हुए थे। वह तिलहर तहसील के ग्राम उखरी में तैनात थे। यहां ड्यूटी पर लगातार अनुपस्थित रहने और कार्यों में लापरवाही का मामला सामने आने पर एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने उन्हें पिछले माह निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था।
बताते हैं कि मोहित वशिष्ठ ने जब अपने क्षेत्र का चार्ज कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराया तब एसडीएम ने सात दिन में कार्यालय में उपस्थित न होने पर बर्खास्तगी का नोटिस जारी कर दिया। इसकी जानकारी मोहित को लगी तो उन्होंने पूरे घटनाक्रम से अपने परिवार को अवगत कराया। नोटिस के बाद से मोहित काफी गुमसुम था। रविवार को उसकी मौत हो गई।
मोहित के माता-पिता और उसकी पत्नी डोली का रो-रोकर बुरा हाल है। साथी लेखपाल की मौत पर लेखपालों में शोक की लहर दौड़ गई। लेखपाल अंकुर चौधरी सहित कई लेखपाल मोहित के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मेरठ पहुंच गए। उधर, एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने लेखपाल मोहित के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जब वह तिलहर में आए थे तब मोहित सस्पेंड चल रहा था।
कहा कि उन्होंने उसे बहाल करके स्थायी किया था। लापरवाही पर उसे निलंबित कर अटैच कर दिया गया था। उससे संपर्क करने के लिए उसके माता-पिता को फोन करना पड़ता था। बताया कि उन्होंने उसे काम पर न लौटने पर बर्खास्त करने की चेतावनी दी थी। उसकी असामयिक मौत से सभी दुखी हैं। कहा कि 15 दिन में उसकी देयता का भुगतान तथा उसकी पत्नी डोली को सर्विस दिलाने का भरसक प्रयास किया जाएगा।