शाहजहांपुर। किसानों के हित में शासन ने गन्ना क्रय केंद्रों के निरीक्षण का अधिकार जनप्रतिनिधियों को भी दे दिया है। मुख्यमंत्री की मंशा और गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव (चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास) संजय आर भूषरेड्डी ने इस बारे में जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है। इसमें विभागीय अधिकारियों के साथ विधायक, सांसद, राज्यसभा सदस्य समेत अन्य जनप्रतिनिधि गन्ना क्रय केंद्रों का निरीक्षण और वहां के कांटा-बांट, अभिलेखों आदि का निरीक्षण कर सकेंगे।
उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति तथा खरीद विनियमन) नियमावली 1954 में गन्ना क्रय केंद्रों के निरीक्षण का अधिकार केवल ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सहायक चीनी आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी एवं संयुक्त गन्ना आयुक्त/उपगन्ना आयुक्त को दिया है। इसलिए किसानों की गन्ना की तौल में कोई शिकायत अथवा समस्या होने पर जब कभी कोई जनप्रतिनिधि क्रय केंद्र पर पहुंचते हैं, तो वहां के कर्मचारी उन्हें सही तथ्यों से अवगत नहीं कराते थे। प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से इस तरह की प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव भूषरेड्डी ने उन्हें भी गन्ना क्रय केंद्रों की व्यवस्थाएं जानने का अधिकार दिया है।
शासनादेश में कहा है कि विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त अब जनप्रतिनिधियों को भी गन्ना क्रय केंद्रों पर की जा रही तौल, कांटों व बांटों की जांच करने, गन्ना का वजन और मूल्य अंकित एसएमएस पर्चियों का निरीक्षण करने का अधिकार दिया है। यह आदेश प्रदेश के लोकसभा, राज्यसभा, विधान सभा और विधान परिषद सदस्यों समेत सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिवों, गन्ना विकास निरीक्षकों, बीज उत्पादन अधिकारियों, खांडसारी अधिकारियों, खांडसारी निरीक्षकों, सहायक एवं अपर सांख्यकीय अधिकारियों, मुख्य गन्ना सलाहकार और चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक पर प्रभावी होगा।
जनप्रतिनिधियों को गन्ना क्रय केंद्रों के निरीक्षण का अधिकार देने से संबंधित शासनादेश प्राप्त होने के साथ जनपद में प्रभावी कर दिया है। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों को तकनीकी सहायता के लिए विभागीय अधिकारियों को साथ रखना जरूरी होगा। जांच के बाद निरीक्षण पुस्तिका पर अंकित निरीक्षण आख्या गन्ना निरीक्षक एवं सहायक चीनी आयुक्त को भेजनी होगी। यदि निरीक्षण के दौरान कोई अनियमितता मिलती है तो सहायक चीनी आयुक्त डीएम के निर्देशानुसार विधिक कार्रवाई करेंगे।
-डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी