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दुर्घटना बीमा और कैशलेस इलाज के लिए असंगठित श्रमिकों में बढ़ी जागरूकता

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शाहजहांपुर। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जा रहीं दुर्घटना बीमा और पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधाओं के प्रति उनमें जागरूकता बढ़ गई है। इसीलिए श्रम विभाग के ई-श्रम पोर्टल पर श्रमिक पंजीकरण की वृद्धि दर भी तेज हुई है। अधिकारियों के अनुसार अभी तक विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 1.46 लाख असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा चुका है।
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असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों और कामगारों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम-2008 बनाया है। इसके अनुसार श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने पर श्रम विभाग के माध्यम से केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
इन श्रमिकों में धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, कूड़ा बीनने वाले, ठेला चलाने वाले, फुटकर सब्जी, फल, फूल विक्रेता, चाय, चाट का ठेला लगाने वाले फुटपाथ के व्यापारी, कुली, फेरी लगाने वाले, गैराज कर्मचारी, ऑटो चालक, मछुआरा, तांगा-बैलगाड़ी चलाने वाले, पशुपालन में लगे कर्मकार, दुकानों पर काम करने वाले कर्मकार, रसोइया आदि शामिल हैं।
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ई-श्रम पोर्टल पर ऐसे करें पंजीकरण
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए श्रमिक की आयु न्यूनतम 16 और अधिकतम 59 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। पंजीकरण कराने वाला श्रमिक कर्मचारी भविष्य निधि व राज्य कर्मचारी बीमा निगम का सदस्य नहीं होना चाहिए। पात्र श्रमिक अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, आधार लिंक्ड मोबाइल फोन के साथ नजदीकी जन सेवा केंद्र पर निशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं।
शासन से जनपद को 14.39 लाख असंगठित श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने का लक्ष्य मिला है। यह कार्य जनपद में तीन माह पहले शुरू हो सका। इसलिए शुरुआती दो माह तक पंजीकरण की गति धीमी रही, लेकिन अब श्रमिक स्वयं पंजीकरण कराने में रुचि ले रहे हैं। पंजीकरण कराने वाले किसी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके आश्रित को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष तक निशुल्क इलाज की सुविधा भी मिलेगी।
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-वीरेंद्र कुमार, सहायक श्रमायुक्त
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