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सरकार की नीतियों के खिलाफ श्रमिकों का हल्ला बोल, उठाई ये मांगें

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शाहजहांपुर में हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। श्रम संगठनों के केंद्रीय आह्वान पर विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों सहित असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के श्रमिक केंद्र एवं राज्य सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ बुधवार को सड़कों पर उतरे। उन्होंने जुलूस निकालकर प्रधान डाकघर एवं कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में उनके प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिले और राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन देकर श्रम विरोधी कानून वापस लेकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को न्यूनतम 21 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग की। बुधवार को श्रम संगठनों के केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ हड़ताल और धरना प्रदर्शन की अमर उजाला की ओर से लाइव रिपोर्ट की गई।
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इलाहाबाद बैंक में एकत्रित हुए कर्मचारी, किया प्रदर्शन
राष्ट्रव्यापारी आह्वान पर बैंक कर्मचारी, अधिकारी अपनी मांगों के समर्थन में स्थानीय इलाहाबाद बैंक की गोविंद गंज स्थित मुख्य शाखा परिसर में आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए एकत्रित हुए। जहां यूपीबीईयू के जिला मंत्री कॉमरेड अतुल मेहरोत्रा के नेतृत्व में सभी बैंक कर्मचारी अधिकारी ने केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों, निजीकरण व बैंकों के विलय प्रस्ताव, ठेका पर नियुक्तियां, नई भर्तियां न होने पर वर्तमान कर्मियों पर बढ़ते कार्य बोझ के विरुद्ध नारे लगाए और केंद्र सरकार को कोसा। कॉमरेड अतुल मेहरोत्रा ने कहा कि वर्तमान समय में सभी बैंक कर्मचारी व अधिकारी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आपसी मतभेद भुलाकर कंधे से कंधा मिलाकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं।
कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण आज पूरे देश का श्रमिक वर्ग अखिल भारतीय हड़ताल के लिए मजबूर हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार पर कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में अतुल सक्सेना, आशीष राठौर, बीएम गुप्ता, बीके अवस्थी, आगम राय, सीबी शुक्ला, माया शंकर दुबे, आत्माशरण, कमल श्रीमाली, सचिन रस्तोगी, भावना प्रियदर्शनी, रंजन कुमार, विश्वनाथ, राजीव कुमार, विमल सक्सेना आदि ने शामिल रहे।
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मुख्य डाकघर खुला, पोस्टमैन और बाबू हड़ताल पर रहे
शाहजहांपुर। आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन ग्रुप सी, आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन पोस्टमैन एंड एमटीएस और आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन जीडीएस से जुड़े कर्मचारी ट्रेड यूनियनों की हड़ताल में शामिल हुए। इस दौरान मुख्य डाकघर समेत तमाम पोस्ट ऑफिस खुले रहे। जिनमें अलग से स्टाफ लगाकर काम कराया गया, पर पासवर्ड न होने की वजह से लेनदेन का काम ठप रहा। पोस्टल इंप्लाइज यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों ने मुख्य डाकघर पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। ग्रुप सी के मंडलीय सचिव सुरेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी यूनियन की मांग है कि सातवां वेतन आयोग के अवशेष वादों को पूरा किया जाए और डाक सेवाओं का निजीकरण, निगमीकरण और आउटसोर्सिंग बंद की जाए। उन्होंने कहा कि एमएसीपी का लेंस मार्क भी समाप्त किया जाए। इस मौके पर रामभरत, राकेश सक्सेना, आशाराम, अरविंद, ब्रह्मा सिंह, अजय कुमार सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, वीरेश कुमार सिंह, सुरेंद्र चौहान, चंद्रोदय सिंह, रजनीश कुमार, शैलेंद्र कुमार, अजय कुमार आदि शामिल रहे।
खिरनीबाग रामलीला मैदान में किया धरना प्रदर्शन
शाहजहांपुर। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) से जुड़े कर्मचारियों, आंगनबाड़ी वर्कर और एमआर ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए गए। जिसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल व सिटी मजिस्ट्रेट को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
सीटू की ओर दिए गए ज्ञापन के माध्यम से श्रम कानूनों में संशोधन वापस लेने, मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन 2019 को वापस लिए जाने, ड्राइवरों, चालकों का श्रम विभाग में मजदूरों की तरह पंजीकरण करने और अन्य सुविधाएं दिलाने, बिजली दरों में बढ़ोत्तरी वापस लिए जाने की मांग की गई। इसी तरह से बिजली, रेलवे, प्रदेश व केंद्र सरकार की ओर से संचालित कारखानों का निजीकरण बंद किए जाने समेत 11 सूत्री मांगे रखी गई। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा, जिलामंत्री पवन शर्मा, मुरारी दीक्षित, रमेश चंद्र, नासिर खां, तौसीफ खां, जयकिशन, दुर्गेश शुक्ला, इरशाद, जगदीश, सोनू, असित मिश्रा आदि शामिल रहे।
मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेंजेटेटिव एसोसिएशन के आह्वान पर जिला इकाई के पदाधिकारी व सदस्य हड़ताल में शामिल रहे। किसी भी साथी ने अपना कार्य नहीं किया और आम हड़ताल में शामिल हुए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर मांगपत्र श्रम एवं रोजगार मंत्री को भेजा गया। जिसमें सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज एक्ट 1976 का बचाव करने, न्यूनतम मजदूरी लागू किए जाने, काम के घंटे आठ करने, श्रम कानूनों में बदलाव बंद कराने, सरकारी अस्पतालों में काम का अधिकार दिए जाने आदि की मांगे हैं। मांगपत्र देने वालों में पूर्व अध्यक्ष मनोज अवस्थी, विजय मिश्रा, दलजीत त्रिपाठी, विकास तिवारी, मुरारी दीक्षित, जितेंद्र सिंह, विवेक सिंह, आशीष दीक्षित, शिवम त्रिपाठी, राकेश गोस्वामी आदि शामिल रहे।
वहीं, महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में 21 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन घोषित किए जाने, भविष्य निधि गेच्युटी व चिकित्सकीय अवकाश वार्षिक व त्योहारों का अवकाश देने, असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को पेंशन स्कीम लागू किए जाने समेत 11 सूत्री मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में जिला प्रभारी विश्वमोहन भारद्वाज, जिलाध्यक्ष पदमा रस्तोगी, जिला महामंत्री सपना मिश्रा आदि शामिल रहे।
रेल कर्मचारियों ने निकाली बाइक रैली
शाहजहांपुर। श्रमिक संगठनों के आह्वान पर एक दिवसीय हड़ताल का एनआरएमयू द्वारा समर्थन किया गया। यूनियन हड़ताल में शामिल नहीं थी, लेकिन अपनी मांगों के समर्थन में एनआरएमयू द्वारा प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक व सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के कार्यकर्ता सुबह 11 बजे माल गोदाम स्थित नरमू कार्यालय पर एकत्रित हुए। जहां से अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के पास पहुंचे, जहां पर एनआरएमयू द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से आरपीएफ के थाना प्रभारी व जीआरपी के थाना प्रभारी की उपस्थिति में स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद नरमू के कार्यकर्ता मोटरसाइकिलों से जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विनीता सिंह को सौंपा गया। शाखा सचिव नरेंद्र त्यागी ने बताया कि रेलवे का निजीकरण, न्यू पेंशन स्कीम बंद करके पुरानी चालू की जाए, उत्पादन इकाइयों का निगमीकरण बंद किया जाए, लारजेस स्कीम को पुन: बहाल किया जाने, रेलवे में खाली पड़े पदों को भरने, कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर कराने, जीडीसीई व एलडीसीई को ओपन टू ऑल करने आदि मांगों का एक मांगे की गई। इस मौके पर शिवकुमार, रामनिवास, दीवान मोहित, उत्तम कुमार, रोहित, रामहरि, मोहम्मद सैफ , राम अवतार आदि मौजूद रहे।
असंगठित मजदूर यूनियन ने घंटाघर से निकाला जुलूस
शाहजहांपुर। असंगठित मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने दोपहर 12 बजे घंटाघर से जुलूस के रूप में निकाले। केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए सभी कलक्ट्रेट पहुंचे। जुलूस मशीनरी मार्केट, बहादुरगंज, सदर चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। जहां राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। इसके बाद जुलूस गोविंदगंज, ओवरब्रिज होकर निगोही रोड होते हुए श्रम विभाग कार्यालय पहुंचा। यहां पर श्रम आयुक्त को संबोधित ज्ञापन सहायक श्रमायुक्त को दिया गया। जूलूस का नेतृत्व यूनियन प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खुर्शीद व संरक्षक पवन सिंह ने किया। खुर्शीद ने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिकों के कानूनों को खत्म करना चाहती है। उनकी मांग हे कि श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन को वापस लिया जाए और सख्ती से उन्हें लागू किया जाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शान मोहम्मद, जिला सचिव राधेश्याम, फरमान अलवी, मतलूब अली, रामपाल, मोहम्मद गुलाम शाकिर, मोहम्मद शकील, सतीश कुमार, मोहम्मद जुनैद आदि शामिल रहे।
बिजली कर्मचारियों ने एक्सईएन कार्यालय पर दिया धरना
शाहजहांपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का धरना प्रदर्शन एक्सईएन कार्यालय पर हुआ। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा इलैक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में प्रतिगामी संशोधन व ऊर्जा निगम के निजीकरण का विरोध किया। कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत गुप्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार के द्वारा सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों, परिषदों, निगमों व सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सोच और नीति की वजह से हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा है। सरकार द्वारा ऊर्जा निगम का निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा और आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर गौरव कुमार, हरिओम सिंह, पूरन सिंह, शिवशरण, तेजराम, जगत नारायण सक्सेना आदि शामिल रहे।
विद्युत संविदा वर्कर यूनियन कार्यकर्ताओं ने दिया ज्ञापन
शाहजहांपुर। विद्युत संविदा वर्कर यूनियन की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। जिसमें कहा गया कि सत्तारूढ़ केंद्र की भाजपा सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के कारण श्रमिकों का उत्पीडन हो रहा है। बेरोजगारी की समस्या बढ़ रही है। उनकी मांग है कि विद्युत मीटर रीडरों के लिए न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। स्थायी ठेका प्रथा को बंद करके, संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारी जो नियमित काम कर रहे हैं, उन्हें नियमित किया जाए आदि मांग शामिल है। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष शिवम मिश्रा, महामंत्री आशीष कुमार, संगठन मंत्री सत्यम मिश्रा, संयुक्त मंत्री अवधेश कुमार आदि शामिल रहे।
इसके अलावा विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन से जुड़ेे कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर ऊर्जा निगम के निजीकरण का विरोध किया। जिसमें डा. एए मलिक, इंतसार हुसैन, गौरव मिश्रा, संजीव तिवारी, अमितेश अग्रवाल, अनिल यादव आदि मौजूद रहे।
राज्य कर्मचारी महासंघ ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
शाहजहांपुर। राज्य कर्मचारी महासंघ की जिला शाखा की ओर से केंद्रीय कर्मचारी व राज्य कर्मचारी संगठनों के आवाहन पर अपने घटक संघों के साथ प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। 17 सूत्रीय मांगपत्र में पुरानी पेंशन बहाली, न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये प्रतिमाह कर मूल्य सूचकांक से जोड़े जाने, श्रम कानूनों को लागू करने, संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारी को नियमित किए जाने आदि की मांग शामिल हैं। इस मौके पर महासंघ के जिलाध्यक्ष उमेश भारती, रामकुमार, पदमा रस्तोगी, सपना मिश्रा, पिंटू यादव, ललितेश शास्त्री आदि शामिल रहे।
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