शाहजहांपुर। सर्दियों के मौसम को हरी सब्जियों की आवक का सूचक माना जाता है। इन दिनों न सिर्फ आलू-प्याज, बल्कि गोभी, टमाटर, लौकी, शलजम आदि हरी सब्जियों की आवक बढ़ने से दाम घट जाते हैं, लेकिन इस बार महंगाई हावी हावी है और सब्जी मंडियां आम आदमी की पहुंच से दूर हो रही हैं। गत एक माह से पुराने आलू के भाव थोड़े कम हुए हैं, लेकिन नए आलू का फुटकर भाव 30-35 रुपये किलो से नीचे नहीं आ रहा है। टमाटर इन दिनों सेब के भाव बिक रहा है। खास यह है कि सब्जियों के थोक रेट की तुलना में फुटकर दाम डेढ़ से दोगुने अधिक चल रहे हैं।
जिले में करीब 10500 हेक्टेयर में हर साल आलू की खेती होती है। 24 से 25 हजार हेक्टेयर में प्याज, टमाटर, लौकी, तोरई, बैंगन, खीरा, शिमला मिर्च, भिंडी, अरबी आदि फसलें उगाई जाती हैं। खपत की तुलना में यहां पैदावार कम होने से आलू, प्याज, टमाटर, हरी मटर आदि मंडी के सब्जी आढ़ती उत्तराखंड समेत अन्य कई राज्यों से मंगाते हैं, लेकिन खीरा की खेती इतने बड़े पैमाने पर होती है कि यहां से ट्रक भरकर दिल्ली, लखनऊ, मेरठ आदि दूरस्थ शहरों तक जाते हैं। हर साल की तरह इस बार भी मानसून सीजन में रोजा मंडी और बहादुरगंज की सब्जी मंडियों में आलू, प्याज समेत अन्य हरी सब्जियों की आवक घट गई है।
बारिश का दौर थामने के बाद बाहर से सब्जियों की आवक में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन गत माह दूसरे सप्ताह में हुई भारी वर्षा और नदियों में आई बाढ़ के कारण अधिकांश सब्जियां चौपट हो गईं। इन दिनों ऑफ सीजन की सब्जियों में शामिल तोरई, भिंडी, अरबी आदि पहले से ऊंचे दामों पर बिक रही हैं, टमाटर 70 से 80 रुपये किलो बिक रहा है। भाव ज्यादा होने के कारण मोहल्लों में घूमने वाले सब्जियों के ठेलों पर भी टमाटर कम दिख रहा है। नासिक (महाराष्ट्र) से प्याज की आवक घटने से इसके फुटकर दाम भी 30 रुपये किलो से नीचे नहीं आ रहे हैं।
सब्जियों के थोक और फुटकर रेट (रुपये प्रति किलो)
आलू नया 20 से 22 30 से 40
आलू पुराना 12 से 14 20 से 25
प्याज 18 से 20 25 से 30
लहसुन 50 से 60 80 से 100
टमाटर 40 से 50 60 से 80
तोरई 20 से 25 50 से 60
लौकी 12 से 15 25 से 30
भिंडी 15 से 20 30 से 40
अरबी 25 से 30 30 से 40
बैंगन 11 से 15 25 से 30
हरी मटर 45 से 50 60 से 80
मंडी में इन दिनों नए आलू की दैनिक आवक बमुश्किल 1000 से 1500 बोरा हो रही है, जबकि पुराना आलू मंडी में रोजाना लगभग 2500 से 3000 बोरा पुराना आलू आ रहा है और इसीलिए उसके दाम नए आलू की तुलना में कम हैं। प्याज का थोक भाव 1300 से 1400 रुपये क्विंटल है। प्याज और टमाटर समेत सभी सब्जियों की स्थानीय आवक बढ़ रही है। सब्जियों के दाम जल्द गिरने के आसार हैं। फुटकर विक्रेताओं को सब्जी की छटनी करनी पड़ती है और इसीलिए सब्जियों के खुदरा भाव बढ़ जाते हैं।
-रामरतन, थोक सब्जी आढ़ती, रोजा मंडी
बारिश से जिले में सब्जियों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। जायद सीजन मेें उगाई गईं सब्जियों की बाजार में खपत हो चुकी है। जिन किसानों ने सब्जियों की दूसरे दौर की बुवाई देर से की है, उन्हें चालू खरीफ सीजन में बाजार पहुंचने तक अभी कुछ दिन का समय लगेगा। दो फसली सीजन के अंतराल में हर साल सब्जियों के दाम थोड़े चढ़ते हैं और कुछ दिन बाद रेट सामान्य हो जाते हैं। स्थानीय सब्जियों की आवक बढ़ने के साथ उनके दाम घटने लगेंगे।
- जयराम वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी