शाहजहांपुर। दशम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने पत्नी की हत्या के मुकदमे में पति व पति के दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बंगरा गोला मस्जिद निवासी शहनवाज ने 26 जुलाई, 2023 को सदर बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक को तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी बहन खालिदा बेगम की शादी 13 साल पहले शहर के मोहल्ला शांतिपुरम गदियाना निवासी रकीम के साथ हुई थी।
आठ साल पहले रकीम ने अपनी बीवी को जलाने का प्रयास किया था। खालिदा का पति और उसके ससुराल वाले उसे घर में नहीं रहने दे रहे थे। 26 जुलाई को ससुराल वालों ने खालिदा को फैसला करने के लिए बुलाया था। वह वहां से चली गई। पीछे से बहू और उसका दोस्त खालिदा के ससुराल पहुंचे तो वहां चीख-पुकार मची हुई थी।
रकीम, उसका भाई नदीम और नबील, सास उम्मती, ससुर सोहराब ने मिलकर धारदार हथियार से खालिदा की हत्या कर दी। वादी की तहरीर पर पुलिस ने रकीम, नदीम और नबील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर तीनों भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी माना। तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।