लंबे समय तक जिले में कांग्रेस की कमान संभाले रहने के साथ ही पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे मानवेंद्र सिंह सोमवार को बरेली जाकर अपने कई समर्थकों के साथ बसपा में शामिल हो गए। उन्हें जोन कोआर्डिनेटर ब्रह्मस्वरूप सागर और गिरीश चंद्र जाटव की उपस्थिति में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई।
जिला कांग्रेस कमेटी के कई बार अध्यक्ष रहे मानवेंद्र सिंह इसी पार्टी में रहने के दौरान एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पीसीसी सदस्य के तौर पर भी मानवेंद्र ने सेवाएं दीं, लेकिन पार्टी में लंबा वक्त गुजारने पर भी उन्हें अपेक्षित प्रतिफल नहीं मिला। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें प्रयास करने पर भी ददरौल विधानसभा क्षेत्र से टिकट नहीं मिला। कांग्रेस ने उनके स्थान पर कौशल मिश्र को ददरौल से चुनाव लड़ाया। इतना ही नहीं चुनाव के बाद जिलाध्यक्ष की कुर्सी भी उनसे छीन ली गई और उस पर कौशल को बिठा दिया गया। इससे मानवेंद्र बेहद आहत थे।
उनके कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं पिछले महीने से उठ रही थीं, लेकिन मानवेंद्र ने अपनी भावनाएं जाहिर नहीं होने दीं। यही वजह रही कि सोमवार को उनके बसपा में शामिल होने की सूचना मिलते ही कांग्रेसी खेमे को तगड़ा झटका लगा। हालांकि यह माना जा रहा है कि वह ददरौल विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर अगला विधान सभा चुनाव लड़ने की प्रत्याशा में ही पार्टी में शामिल हुए हैं।
कुशासन से निपटने में केवल बसपा सक्षम
कांग्रेस में मैने लंबा वक्त गुजारा, लेकिन पार्टी नेतृत्व से उसका प्रतिकार मिलने के बजाय केवल उपेक्षा मिली। प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक हालातों में सपा के कुशासन और भ्रष्टाचार से निपटने में केवल बसपा ही सक्षम है। इसीलिए समाजसेवा के लिए बसपा की नीतियों पर चलने का फैसला किया है।
- मानवेंद्र सिंह, बसपा नेता
कांग्रेस ने मानवेंद्र को दिया भरपूर सम्मान
कांग्रेस में लंबा वक्त बिताने पर पार्टी ने भी मानवेंद्र को भरपूर सम्मान के साथ पहचान दिलाई। हो सकता है कि उन्हें कांग्रेस में अपना भविष्य बेहतर नजर नहीं आ रहा हो। कांग्रेस बहुत बड़ी पार्टी है और कुछ लोगों के चले जाने से संगठन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। - कौशल मिश्र, जिलाध्यक्ष कांग्रेस