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नरसी के भात का प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं की आंखे हुई नम

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एसएस कॉलेज में रामकथा का गुणगान करते व्यास विजय कौशल महाराज - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। मुमुक्षु महोत्सव में श्रीराम कथा के पांचवें दिन व्यास विजय कौशल महाराज ने भगवान राम के अवतार के उद्देश्य बताने के साथ नरसी के भात का प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं।
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कथा व्यास विजय कौशल महाराज ने कहा कि जब इस संसार में आसुरी शक्तियां ज्यादा हावी हो जाती हैं, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। श्रीराम के धरती पर अवतार का सबसे बड़ा कारण राक्षसों का संहार करके धर्म की स्थापना और संपूर्ण विश्व में शांति की स्थापना करना रहा। भगवान राम बड़े दयालु और विनम्र हैं, वे मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। श्रीराम की लीलाओं को देखकर नर, नाग, देवी, देवता जय-जय कार कर पुष्प वर्षा करते हैं। जगत के सभी प्राणी भव बाधा को पार कर श्रीराम की भक्ति को प्राप्त कर उनकी कृपा के विशेष पात्र बनते है।
श्रीराम लीला प्रसंग में नरसी जी का भात की कथा का वर्णन भाव विभोर होकर सुनाया। नरसी जी का भात प्रसंग वर्णन को सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस दौरान मुख्य यजमान अशोक अग्रवाल, प्रभा गर्ग, मिथलेश कुमार, वीर विक्रम सिंह, मानवेंद्र सिंह, देवेंद्र पाल सिंह, अरविंद सिंह, नरेश मेहरोत्रा, वीरभान सिंह, कृपा राम मिश्रा, राम चंद्र सिंघल, सुरेश सिंघल, अखिल अरोरा, डॉ. अवनीश मिश्रा, डॉ. अनुराग अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

एसएस कॉलेज में आयोजित श्रीराम कथा सुनते श्रद्धालु- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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